Madhya Pradesh : सड़कों पर भीख मांगने वाले ये लोग निकले करोड़पति, जांच अधिकारी भी हुए हैरान
आमतौर पर हम लोग भीक मांगने वाले लोगों को मजबूर और असहाय मानते हैं, लेकिन हालिया जांच में सामने आई सच्चाई इस धारणा को तोड़ती है।
आमतौर पर हम लोग भीक मांगने वाले लोगों को मजबूर और असहाय मानते हैं, लेकिन हालिया जांच में सामने आई सच्चाई इस धारणा को तोड़ती है। मध्य-प्रदेश में अलग-अलग शहरों में ऐसे भिखारी सामने आए हैं, जिनके पास पक्के मकान, जमीन, बैंक बैलेंस और करोड़ों की FD मौजूद है।
उज्जैन के नारायण दास साधु निकले करोड़पति
उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र में वर्षों से भीख मांग रहे नारायण दास, जिन्हें लोग श्रद्धा से “बाबा” कहते थे, जांच में करोड़पति निकले। नगर निगम की पड़ताल में पता चला कि उनके नाम शहर में दो पक्के मकान, कई प्लॉट और करीब डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है। बैंक खातों और FD की जानकारी सामने आने के बाद अधिकारियों को भी हैरानी हुई। पूछताछ में नारायण दास ने माना कि बिना मेहनत की कमाई के कारण वह भीख मांगता रहा।
स्टेशन के बाहर भीख मांगने वाले निकले मंगलदास करोड़पति
इंदौर रेलवे स्टेशन के बाहर वर्षों से बैठने वाला मंगलदास तब प्रशासन की नजर में आया, जब उसके पास कई बैंक पासबुक मिलीं। जांच में खुलासा हुआ कि उसके नाम दो करोड़ रुपये से अधिक की FD, किराए पर दिए गए कमरे और जमीन है। वह रोज तय समय पर भीख मांगने आता और शाम को अपने मकान में लौट जाता था।
भोपाल की गीता बाई के करोड़ों की संपत्ति
भोपाल में खुद को बेसहारा बताकर भीख मांगने वाली गीता बाई भी जांच में पूरी तरह संपन्न पाई गई। उसके नाम मकान, जमीन, सोने-चांदी के गहने और करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है। पूछताछ में उसने माना कि भीख से होने वाली आमदनी को वह अतिरिक्त कमाई के रूप में देखती थी।
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