J&K : 5 सरकारी कर्मचारी नौकरी से बर्खास्त, आतंकी संगठन के लिए कर रहे थे काम…
सरकारी विभागों से निकाले गए सभी कर्मचारियों के नाम सामने आ गए हैं। ये लोग अपनी सरकारी नौकरियों का इस्तेमाल आतंकवादी संगठनों को गोपनीय जानकारी देने के लिए कर रहे थे।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पांच सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इन कर्मचारियों पर आतंकी संगठनों से संबंध रखने और उन्हें सहयोग देने के गंभीर आरोप सामने आए थे। कार्रवाई के दायरे में आने वालों में मोहम्मद इश्तियाक (शिक्षक), तारिक अहमद शाह (लैब टेक्नीशियन), बशीर अहमद मीर (असिस्टेंट लाइनमैन), फारूक अहमद भट (वन विभाग में फील्ड वर्कर) और मोहम्मद यूसुफ (स्वास्थ्य विभाग में ड्राइवर) शामिल हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में आतंकी समर्थन तंत्र को जड़ से खत्म करने की मुहिम को और तेज कर दिया गया है। एलजी कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आतंकवाद से जुड़े पाए जाने पर इन पांचों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया गया है।
आतंकी संगठनों से थे संपर्क
जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि बर्खास्त किए गए कर्मचारी लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के संपर्क में थे। ये लोग ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम करते हुए आतंकियों को मदद पहुंचा रहे थे और उनकी गतिविधियों को सहयोग दे रहे थे।
प्रशासन के अनुसार, ये कर्मचारी सार्वजनिक विश्वास से जुड़े पदों पर रहते हुए सरकारी वेतन प्राप्त कर रहे थे, लेकिन पर्दे के पीछे आतंकवादी एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगे थे। आरोप है कि वे संवेदनशील जानकारियां लीक कर रहे थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को खतरा पैदा हो रहा था।
कर्मचारियों के खिलाफ हुई तत्काल कार्रवाई
इन तथ्यों के सामने आने के बाद संबंधित कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि इस कदम का मकसद साफ है-सरकारी तंत्र में किसी भी स्तर पर आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं होगी और ऐसे तत्वों के खिलाफ बिना किसी ढील के कार्रवाई जारी रहेगी।
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