Shootout at Lokhandwala Director Sanjay Gupta Death: बॉलीवुड के जाने-माने फिल्ममेकर संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। उनके अचानक दुनिया से चले जाने की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
संजय गुप्ता ने अपने करियर में कई चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया और हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।
बाथरूम में गिरने की बात सामने आई
फिल्म मैगजीन इन्फॉर्मेशन के मुताबिक, संजय गुप्ता कथित तौर पर अपने बाथरूम में गिर गए थे, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। हालांकि, इस घटना को लेकर फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।
उनके अचानक निधन की खबर से उनके चाहने वालों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों को गहरा सदमा लगा है।
संजय दत्त के साथ कई हिट फिल्में
संजय गुप्ता और अभिनेता संजय दत्त की जोड़ी ने बॉलीवुड को कई चर्चित फिल्में दीं। दोनों ने ‘कांटे’ (2002), ‘मुसाफिर’ (2004), ‘जिंदा’ (2006) और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ (2007) जैसी फिल्मों में साथ काम किया।
इन फिल्मों को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला और बॉक्स ऑफिस पर भी इनका प्रदर्शन शानदार रहा।
‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ में निभाई कई जिम्मेदारियां
‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ संजय गुप्ता के करियर की प्रमुख फिल्मों में शामिल रही। साल 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने निर्देशन के साथ-साथ प्रोडक्शन और कहानी पर भी अहम काम किया था।
फिल्म साल 1991 में मुंबई के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में हुई चर्चित गैंगवार और पुलिस मुठभेड़ की घटना पर आधारित थी।
‘शूटआउट एट वडाला’ से भी बटोरी चर्चा
संजय गुप्ता ने 2013 में रिलीज हुई ‘शूटआउट एट वडाला’ का भी निर्देशन किया था। यह फिल्म वास्तविक घटनाओं से प्रेरित क्राइम ड्रामा थी। इसमें उन्होंने मुंबई के अपराध जगत और अंडरवर्ल्ड को अपने खास अंदाज में पर्दे पर पेश किया।
एक्शन और क्राइम फिल्मों के अलावा उन्होंने अलग-अलग तरह की कहानियों पर भी काम किया।
‘जज्बा’ और ‘काबिल’ का भी किया निर्देशन
ऐश्वर्या राय बच्चन की फिल्म ‘जज्बा’ (2015) का निर्देशन भी संजय गुप्ता ने किया था। इसके बाद ऋतिक रोशन और यामी गौतम स्टारर ‘काबिल’ (2017) का निर्देशन करके उन्होंने अपनी फिल्मोग्राफी में एक और चर्चित फिल्म जोड़ी। इन फिल्मों ने उनके निर्देशन के अलग-अलग पहलुओं को दर्शकों के सामने रखा।
पोस्ट प्रोडक्शन और साउंड डिजाइन से शुरू हुआ सफर
फिल्म निर्देशक के तौर पर पहचान बनाने से पहले संजय गुप्ता ने फिल्म इंडस्ट्री में पोस्ट प्रोडक्शन और साउंड डिजाइन के क्षेत्र में काम किया था।
उन्होंने फिल्ममेकर पंकज पराशर को भी असिस्ट किया। इस दौरान वह टीवी सीरीज ‘करमचंद’ और फिल्म ‘जलवा’ जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे।
2001 में शुरू किया था प्रोडक्शन हाउस
संजय गुप्ता ने साल 2001 में अपना प्रोडक्शन हाउस व्हाइट फेदर फिल्म्स शुरू किया था। इसके बैनर तले उन्होंने कई फिल्मों को प्रोड्यूस किया।
धीरे-धीरे उन्होंने निर्देशन, निर्माण और कहानी के क्षेत्र में काम करते हुए बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान कायम की।
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