प्रौद्योगिकी की दिग्गज कंपनी ऐपल ने भारत में अपने ऑनलाइन स्टोर से आईफोन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ा बदलाव करते हुए खरीदारी की सीमा तय कर दी है। अब देश में कोई भी ग्राहक ऐपल के ऑनलाइन स्टोर से एक बार में अधिकतम 2 आईफोन ही खरीद सकेगा। कंपनी का यह नया नियम केवल नए मॉडल्स तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ऐपल के सभी आईफोन मॉडल्स पर समान रूप से लागू किया गया है। इसके तहत ग्राहक या तो किसी एक ही मॉडल के दो फोन ले सकते हैं या फिर अलग-अलग मॉडल्स का चुनाव कर सकते हैं, लेकिन कुल संख्या दो से अधिक नहीं हो सकती।
ऑर्डर में तीसरा फोन जोड़ते ही वेबसाइट देगी चेतावनी
ऐपल के इस नए नियम के तहत यदि कोई ग्राहक अपने ऑनलाइन कार्ट या ऑर्डर में तीसरा आईफोन जोड़ने का प्रयास करता है, तो वेबसाइट तुरंत एक चेतावनी संदेश दिखाना शुरू कर देगी। इस मैसेज में ग्राहक को स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि एक व्यक्ति अधिकतम दो ही आईफोन खरीद सकता है। आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए ग्राहक को अपने ऑर्डर से अतिरिक्त फोन की संख्या घटानी होगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कोई उपयोगकर्ता अपने परिवार के सदस्यों के लिए या उपहार देने के उद्देश्य से एक साथ तीन या उससे अधिक फोन खरीदना चाहता है, तो वह एक ही ऑर्डर में ऐसा नहीं कर पाएगा।
क्या है ऐपल के इस सख्त कदम उठाने के पीछे की मुख्य वजह?
ऐपल कंपनी की तरफ से इस सीमा को तय करने के पीछे आधिकारिक तौर पर कोई विशेष कारण नहीं बताया गया है। हालांकि, तकनीकी बाजार के जानकारों और विश्लेषकों का मानना है कि इस नियम का मुख्य उद्देश्य थोक में फोन खरीदकर उन्हें ऊंचे दामों पर दोबारा बेचने वाले लोगों पर नकेल कसना है। इसके साथ ही, इसका मकसद आम और वास्तविक ग्राहकों के लिए बाजार में सभी आईफोन मॉडल्स की सुलभता और उपलब्धता को सुचारू रूप से बनाए रखना है, ताकि हर खरीदार को आसानी से उत्पाद मिल सके।
फोल्डेबल ‘आईफोन डुओ’ की बंपर मांग और 19 साल पुराना इतिहास
यह ताजा फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब ऐपल का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन ‘आईफोन डुओ’ भारत में बिक्री के लिए आने वाला है, जिसकी प्री-बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है। भारी मांग के कारण स्थिति यह है कि बुकिंग शुरू होने के कुछ ही समय बाद कुछ ग्राहकों के लिए डिलीवरी का अनुमानित समय सीधे जनवरी तक पहुंच गया। दिलचस्प बात यह है कि ऐप द्वारा इस तरह की लिमिट तय करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। ठीक 19 साल पहले यानी साल 2007 में भी पहले आईफोन की लॉन्चिंग के दौरान कंपनी ने रीसेल और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने के लिए प्रति ग्राहक दो फोन खरीदने की ऐसी ही सीमा तय की थी।
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