Siddharthnagar Madrasa Bulldozer Action: UP के सिद्धार्थनगर में मंगलवार सुबह 59 साल पुराने मदरसे के आधे से ज्यादा हिस्से पर बुलडोजर चला दिया गया। प्रशासन के मुताबिक, मदरसे का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर बना था। सुबह करीब 7 बजे SDM, 5 थानों के लगभग 100 पुलिसकर्मी और 6 बुलडोजर पिपरा रामलाल गांव पहुंचे। जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में 14 हजार स्क्वायर फीट में बने ‘मकतब मदरसा’ पर ध्वस्तीकरण शुरू हुआ।
2 घंटे में 7 कमरे और दुकान ढहाई
करीब दो घंटे चली कार्रवाई में मदरसे के 7 कमरे, एक दुकान और आधा हॉल ढहा दिया गया। प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने हिस्से को हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान इलाके में करीब आधे घंटे तक तनाव की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर लोगों को मौके से दूर कर दिया।
सपा विधायक समेत 50 से ज्यादा लोग पहुंचे
बुलडोजर एक्शन की सूचना मिलने पर डुमरियागंज की सपा विधायक सैय्यदा खातून, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव समेत 50 से ज्यादा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बहस शुरू हो गई और हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।
1938 में गांव के अंदर बना था मदरसा
गांव के लोगों के मुताबिक, आरबिया जियाउल उलूम मदरसा 1938 में गांव के अंदर बनाया गया था। 1967 में इसे बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर पिपरा रामलाल गांव की मुख्य सड़क पर शिफ्ट किया गया। शुरुआत में मदरसा निजी जमीन पर बना था, लेकिन बाद में आगे की खाली सरकारी जमीन पर भी इसका विस्तार किया गया।
9 हजार वर्गफीट जमीन सरकारी रिकॉर्ड में
अधिकारियों के अनुसार, मदरसे में करीब 400 बच्चे पढ़ते थे। सरकारी रिकॉर्ड में मदरसे की 9 हजार स्क्वायर फीट जमीन खेल के मैदान के तौर पर दर्ज है। वर्ष 2022 में पांच ग्रामीणों ने इस जमीन से कब्जा हटाने के लिए डुमरियागंज तहसीलदार कोर्ट में सामूहिक याचिका दायर की थी।
2023 में आया था बेदखली का आदेश
सुनवाई के बाद 2023 में बेदखली का आदेश जारी हुआ। मदरसे के केयरटेकर अब्दुल सलाम ने उसी साल इस आदेश को डीएम कोर्ट में चुनौती दी। करीब 3 साल चली सुनवाई के बाद 14 अगस्त 2026 को डीएम ने तहसीलदार कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए मदरसा पक्ष की याचिका खारिज कर दी।
नोटिस के बाद शुरू हुआ बुलडोजर एक्शन
डीएम के फैसले के बाद प्रशासन ने जमीन से अवैध कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया। तय समय सीमा में कब्जा नहीं हटाए जाने पर डुमरियागंज SDM विवेकानंद मिश्र, डुमरियागंज के CO बृजेश वर्मा और बांसी के CO सिवेंदु सिंह की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
सपा नेता और इंस्पेक्टर में तीखी बहस
कार्रवाई के दौरान सपा नेता कमाल अहमद खान मदरसे की ओर जाने की कोशिश करने लगे। डुमरियागंज के प्रभारी निरीक्षक श्री प्रकाश यादव ने उन्हें रोकते हुए कहा कि प्रशासन के आदेश पर कार्रवाई हो रही है और जबरदस्ती न करें। इस पर कमाल खान भड़क गए और बोले, “ठीक है जो करना है कर लो। हाथ लगाओगे क्या।” इसके बाद दोनों के बीच हॉट टॉक हुई। पुलिसकर्मियों ने समझाकर मामला शांत कराया। विधायक सैय्यदा खातून ने भी सपा नेताओं से शांति से बातचीत करने को कहा।
SDM ने बताया 60% हिस्सा गिराया
SDM विवेकानंद मिश्र ने बताया कि दो घंटे की कार्रवाई में सरकारी जमीन पर बने मदरसे का करीब 60% हिस्सा तोड़ा गया है। 14000 स्क्वायर फीट में कुल सात दुकानें, 12 कमरे, मस्जिद और मदरसा बना था। इनमें 9000 स्क्वायर फीट में बनी एक दुकान, 7 कमरे और आधी मस्जिद व मदरसे का आधा हॉल गिराया गया। निजी जमीन पर बने 5 कमरे, आधा मदरसा और आधी मस्जिद को छोड़ दिया गया।
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