कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के ‘दिमागी नक्सल होने पर गर्व’ वाले बयान को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है। बीजेपी नेताओं के बाद अब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी चिदंबरम पर निशाना साधा है। CM हिमंता बिस्वा सरमा ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि चिदंबरम ‘दिमागी नक्सल नहीं, बल्कि प्योर नक्सल’ हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चिदंबरम देश के गृह मंत्री थे और अब खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बता रहे हैं, तो क्या उन्होंने अपने कार्यकाल में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए जानबूझकर जांच नहीं कराई। हिमंत ने इस पूरे मामले की गहन जांच की जरूरत बताई।
श्री चिदंबरम जी दिमागी Naxal नहीं 'Pure Naxal' है। pic.twitter.com/79VjcErr6Z
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) August 17, 2026
‘कांग्रेस को शांतिपूर्ण माहौल से परेशानी’
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि एक समय देश में यह कल्पना करना भी मुश्किल था कि नक्सलवाद खत्म हो सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसे संभव कर दिखाया। CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में बना शांतिपूर्ण माहौल कांग्रेस को असहज कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस देश में अराजकता का माहौल चाहती है और इसी के सहारे 2029 में सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।
सुधांशु त्रिवेदी ने भी साधा निशाना
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी चिदंबरम के बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चिदंबरम ने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ कहे जाने पर गर्व जताया है। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के बयान के तुरंत बाद यह स्पष्ट हो गया कि किसके दिमाग में नक्सल बैठा है और उसे इस पर गर्व भी है। उन्होंने कहा कि एक तरफ मोदी सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान चलाकर उसे खत्म करने का काम किया, वहीं दूसरी तरफ देश के पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम का खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताना और उस पर गर्व करना विरोधाभास दिखाता है।
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