Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित SIT अपनी फाइनल रिपोर्ट आज शाम या शुक्रवार सुबह तक उत्तर प्रदेश शासन को सौंप सकती है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट पूरी तरह तैयार है और अगले 24 से 48 घंटे के भीतर सरकार को सौंप दी जाएगी। अब इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
तीन सदस्यीय टीम ने की जांच
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच के लिए लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अगुवाई में तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया था। टीम में लखनऊ रेंज के आईजी और वित्तीय मामलों के एक्सपर्ट नील रतन भी शामिल हैं। जांच के दौरान टीम ने मामले के हर पहलू की विस्तार से पड़ताल की। तय समय में जांच पूरी नहीं होने पर SIT ने ज्यादा समय मांगा था, जिसके बाद सरकार ने जांच के लिए 15 दिन का ज्यादा समय दिया था।
रिपोर्ट में कई अहम खुलासों की संभावना
सूत्रों के अनुसार, SIT की फाइनल रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आई खामियों के साथ-साथ उन लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है। बताया जा रहा है कि चढ़ावा चोरी के मामले में कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आई थीं बड़ी खामियां
इस मामले की प्रारंभिक जांच में 70 बार चढ़ावा चोरी, दान राशि की गिनती में गड़बड़ी, बैंक कर्मियों की मिलीभगत और मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़ी पांच बड़ी खामियां सामने आई थीं। इन्हीं के आधार पर SIT ने जांच की और आखिरी रिपोर्ट तैयार की है।
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
अब अंतिम रिपोर्ट उत्तर प्रदेश शासन को सौंपे जाने के बाद सरकार उसके निष्कर्षों का अध्ययन करेगी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं।
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