अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे(Ahmedabad Air India plane incident) की जांच को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि जांच से जुड़े कुछ संवेदनशील दस्तावेज और रिकॉर्ड आम लोगों के सामने जारी नहीं किए जा सकते। इनमें सबसे महत्वपूर्ण कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की रिकॉर्डिंग भी शामिल है। AAIB के मुताबिक, मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत ऐसी जानकारियों को सार्वजनिक करने की अनुमति नहीं है।
AAIB ने अदालत में दाखिल हलफनामे में बताया कि दुर्घटना जांच के दौरान जुटाए गए कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड गोपनीय रखे जाते हैं। इनमें कॉकपिट की बातचीत, विमान के अंदर की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, पायलट और क्रू सदस्यों से जुड़े बयान, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की बातचीत तथा यात्रियों और पीड़ितों से संबंधित निजी जानकारी शामिल है। एजेंसी का कहना है कि इन जानकारियों को सार्वजनिक करने से जांच प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
सुरक्षा सुधार के लिए होती है दुर्घटना जांच
AAIB ने साफ तौर पर कहा कि विमान दुर्घटना जांच का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं होता बल्कि हादसे के कारणों का पता लगाकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय तलाशना होता है। एजेंसी ने कहा कि अगर जांच में शामिल लोगों को अपने बयान सार्वजनिक होने का डर रहेगा तो वे पूरी जानकारी साझा करने में हिचकिचा सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक जारी है जांच
AAIB के मुताबिक, अहमदाबाद हादसे की जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के नियमों और शिकागो कन्वेंशन के प्रावधानों के अनुसार की जा रही है। इस प्रक्रिया में संबंधित देशों और विमानन एजेंसियों की भागीदारी भी रहती है।
फाइनल रिपोर्ट अक्टूबर 2026 तक आने की उम्मीद
AAIB ने बताया कि जांच का शेष काम जल्द पूरा होने की संभावना है। इसके बाद सभी तथ्यों का विश्लेषण कर ड्राफ्ट फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके अक्टूबर 2026 तक आने की उम्मीद है।
12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के कुछ समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में विमान में सवार अधिकांश यात्रियों और जमीन पर मौजूद लोगों समेत कुल 260 लोगों की जान चली गई थी।