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तिरुवल्लूर में बड़ा हादसा, स्टील फैक्ट्री में बॉयलर फटने से एक प्रवासी मज़दूर की मौत, 4 गंभीर रूप से झुलसे

मंगलवार को तिरुवल्लूर ज़िले के गुमिदिपूंडी में SIPCOT इंडस्ट्रियल एस्टेट की एक स्टील पिघलाने वाली यूनिट में बॉयलर फटने से एक प्रवासी मज़दूर की मौत हो गई और चार अन्य बुरी तरह झुलस गए। इस धमाके से भीषण आग लग गई और बड़े पैमाने पर इमरजेंसी ऑपरेशन शुरू करना पड़ा।

मृतक की पहचान उत्तरी राज्य के रहने वाले रवि के तौर पर हुई है। काम के समय बॉयलर फटने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। धमाके में चार साथी मज़दूर गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें बचाकर इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, धमाका तब हुआ जब कर्मचारी स्टील पिघलाने वाली यूनिट के अंदर रोज़मर्रा का काम कर रहे थे।

धमाका इतना ज़बरदस्त था कि उससे भीषण आग लग गई। आग की लपटें और घना धुआं पूरे इंडस्ट्रियल परिसर में फैल गया, जिससे आस-पास के मज़दूरों में अफ़रा-तफ़री मच गई। फायर और रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारियों को तुरंत सूचना दी गई और वे फ़ैक्ट्री पहुँचे। फायरफाइटर्स ने लगभग एक घंटे तक आग बुझाने की कोशिश की और उसे काबू में किया, जिससे आग आस-पास की दूसरी इंडस्ट्रियल यूनिट्स तक नहीं फैल पाई।

पुलिस भी मौके पर पहुँची और बचाव व आग बुझाने के काम में आसानी के लिए इलाके की घेराबंदी कर दी। अधिकारियों ने बताया कि बॉयलर फटने की सही वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। इस बात का पता लगाने के लिए विस्तृत जाँच शुरू की गई है कि हादसा किसी तकनीकी खराबी, उपकरण के खराब होने या इंडस्ट्रियल सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की वजह से हुआ।

अधिकारी इस बात की भी जाँच कर सकते हैं कि बॉयलर का ज़रूरी मेंटेनेंस और सुरक्षा निरीक्षण हुआ था या नहीं।इस हादसे ने तिरुवल्लूर ज़िले में इंडस्ट्रियल सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यहाँ तमिलनाडु के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स में से एक है।

यह ताज़ा घटना ज़िले में हुई एक और बड़ी इंडस्ट्रियल त्रासदी के ठीक बाद हुई है, जिसमें पेरियपालयम के पास झींगा प्रोसेसिंग फ़ैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक होने से 18 प्रवासी मज़दूरों की मौत हो गई थी। उस लीक से कई अन्य लोग भी प्रभावित हुए थे और अधिकारियों ने फ़ैक्ट्री को सील करने से पहले चार दिनों तक खतरनाक गैस को हटाने के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया था।

मंगलवार को हुए बॉयलर धमाके ने ज़िले के इंडस्ट्रियल प्रतिष्ठानों में कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर फिर से चिंता पैदा कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि जाँच चल रही है और धमाके से हुए नुकसान का पूरा अंदाज़ा लगाने की कोशिशें जारी हैं।

 

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