Uttarakhand-Himachal Weather Alert: पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों का जीना हराम कर दिया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और मलबा आने के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। दोनों राज्यों में 300 से अधिक सड़कें बंद हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। उत्तराखंड में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 120 सड़कें बंद हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में 189 सड़कें, 146 से अधिक बिजली ट्रांसफॉर्मर और 104 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा बह जाने के बाद वहां फंसे करीब 100 श्रद्धालुओं को रस्सियों के सहारे सुरक्षित निकाला गया है। लगातार बारिश के कारण सड़कों को खोलने के काम भी असर पड़ रहा है।
मिजोरम और पुणे में भी राहत कार्य जारी
लगातार बारिश का असर अन्य राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। मिजोरम में बाढ़ के पानी में फंसे चार यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। वहीं, महाराष्ट्र के पुणे स्थित कचरा प्लांट हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। राहत और बचाव दल अब तक मलबे में फंसे 14 लोगों को बाहर निकाल चुका है, जबकि अभियान अभी भी जारी है।
IMD ने जारी किया नया अपडेट
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र समेत सात राज्यों में अगले पांच दिनों तक बहुत कम बारिश होने की संभावना है। IMD की नई सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक बादल पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे उत्तराखंड, यूपी, बिहार, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा की ओर एक्टिव हैं। जिन क्षेत्रों में मानसून एक्टिव बना हुआ है, वहां जलभराव और नदियां उफान पर हैं।
हिमाचल में टूटा वैली ब्रिज
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में हवा में लटका वैली ब्रिज शनिवार रात ढह गया, जिससे सांगला घाटी का संपर्क पूरी तरह कट गया। इससे पहले शुक्रवार को भारी बारिश के बाद पुल के निचले हिस्से में भूस्खलन हुआ था, जिसके कारण पुल हवा में लटक गया था। वहीं, शिमला के रझाना क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी के कुछ इलाकों में रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड में हाईवे और यात्रा पर असर
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के सिरोबगड़ में भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ हाईवे करीब दो घंटे तक बंद रहा। सड़क पर मलबा हटाने के बाद हाईवे को फिर से वाहनों के लिए खोल दिया गया। शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे मलबा गिरने से ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया था। दूसरी ओर, लगातार बारिश को देखते हुए गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग के संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
कटड़ा में हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित
खराब मौसम का असर माता वैष्णो देवी यात्रा पर भी पड़ा। कटड़ा से संचालित हेलिकॉप्टर सेवा पूरे दिन प्रभावित रही, जिससे श्रद्धालुओं को पैदल, घोड़े, पालकी और पिट्ठू सेवाओं के माध्यम से भवन तक पहुंचना पड़ा। मौसम विभाग ने यात्रा के दौरान बारिश की संभावना भी जताई है।
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