Donald Trump on Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ‘अगर मेरी हत्या हुई तो उसे नक्शे से मिटा देना।’ न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान उनकी हत्या करने में सफल होता है, तो उन्होंने पहले से ऐसे निर्देश दे रखे हैं कि ईरान पर ऐसा जवाबी हमला किया जाए, जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा। उनका कहना है कि ‘ईरान ने अगर मुझे मार दिया, तो उसे ऐसी कीमत चुकानी पड़ेगी कि उसने कभी सोची भी नहीं होगी।’
बयान की टाइमिंग क्यों है अहम?
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब उन्होंने हाल ही में स्वीकार किया था कि वह ईरान की ‘हिट लिस्ट’ में सबसे ऊपर हैं। इसी हफ्ते दिए गए बयान में उन्होंने कहा था कि ईरान उन्हें अपना सबसे बड़ा निशाना मानता है। ऐसे में उनके बयान को ईरान के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
ईरान को क्या कहना चाहते हैं ट्रंप
ट्रंप का कहना है कि उनका कहना साफ है कि ईरान उनकी हत्या की कोशिश न करे, क्योंकि ऐसा होने पर पूरे देश को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। तुर्किये में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान भी उन्होंने कहा था कि ईरान उन्हें अपना ‘नंबर वन टारगेट’ मानता है। वहीं इजरायल की खुफिया जानकारी में भी ट्रंप के खिलाफ नए हत्या के प्लान का दावा किया गया है।
हमले की ठोस जानकारी नहीं होने की बात भी कही
हालांकि ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि उनके पास किसी नए हमले की कोई ठोस जानकारी नहीं है। इसके बावजूद उनका कहना है कि ईरान लंबे समय से उन्हें निशाना बनाना चाहता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान भीड़ की ओर से ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए गए थे। ईरान 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने की बात भी लगातार करता रहा है।
क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसा आदेश दे सकते हैं
ट्रंप के दावे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या कोई अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी मौत के बाद लागू होने वाला ऐसा स्थायी सैन्य आदेश दे सकता है। अमेरिकी संविधान के अनुसार ऐसा संभव नहीं है। किसी भी बड़े सैन्य अभियान का अंतिम फैसला उस समय पद पर मौजूद राष्ट्रपति ही ले सकता है। अमेरिकी सेना केवल तत्कालीन कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर ही कार्रवाई करती है।
राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा बयान
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ट्रंप का यह बयान केवल ईरान के लिए नहीं, बल्कि अमेरिकी जनता के लिए भी एक राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। इससे वह अपने समर्थकों के बीच खुद को एक सख्त और निडर नेता के रूप में पेश करना चाहते हैं। साथ ही ईरान को यह बताना चाहते हैं कि उनके खिलाफ किसी भी कार्रवाई का जवाब बेहद कड़ा होगा।
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