मुंबई(Mumbai) में इस बार मानसून केवल तेज बारिश ही नहीं बल्कि लगातार हो रहे पेड़ गिरने के हादसों के कारण भी चिंता का विषय बन गया है। 1 जुलाई से 6 जुलाई के बीच शहर और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में लगभग 1,100 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन हादसों में अब तक कम से कम पांच लोगों की जान जा चुकी है जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई घायलों का अस्पतालों में इलाज जारी है।
एक दिन में 500 से ज्यादा पेड़ गिरे
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मुताबिक, सिर्फ 24 घंटे के भीतर 523 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें पश्चिमी उपनगर, दक्षिण मुंबई और पूर्वी उपनगर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। कई स्थानों पर सड़कें बंद हो गईं, बिजली आपूर्ति बाधित हुई और यातायात घंटों तक प्रभावित रहा। कई वाहनों और इमारतों को भी नुकसान पहुंचा।
हादसों ने बढ़ाई लोगों की चिंता
अंधेरी पूर्व में एक पेड़ की भारी शाखा गिरने से एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, माटुंगा के किंग सर्कल इलाके में एक विशाल पेड़ मुख्य सड़क पर गिर गया जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। इसके बाद राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाया और स्थिति सामान्य की।
नगर निगम के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में पूरे मानसून के दौरान जितने पेड़ गिरे थे उससे अधिक घटनाएं इस वर्ष मानसून के शुरुआती हफ्ते में ही दर्ज हो चुकी हैं। इसने पेड़ों के रखरखाव, समय पर छंटाई और जोखिम वाले पेड़ों की पहचान जैसी व्यवस्थाओं को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश, तेज हवाएं और पुराने या कमजोर हो चुके पेड़ ऐसी घटनाओं की बड़ी वजह हो सकते हैं।
BMC ने नागरिकों से की अपील
बढ़ती घटनाओं को देखते हुए BMC ने शहर के सभी सार्वजनिक उद्यान अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। निगम का कहना है कि बड़े और पुराने पेड़ों को सुरक्षित तरीके से हटाने में समय लगता है क्योंकि उन्हें चरणबद्ध तरीके से काटना पड़ता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश और हवा के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों को सूचना देने की सलाह दी गई है।