Nida Khan Religious Conversion TCS Case: महाराष्ट्र के विवादित TCS अवैध धर्मांतरण मामले में महिला आरोपी निदा खान को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। नासिक की अदालत ने आरोपी निदा खान को मेडिकल आधार पर जमानत दे दी है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि निदा खान गर्भवती है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मेडिकल परिस्थितियों और मामले की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उसकी जमानत मंजूर कर ली है। हालांकि जमानत के साथ अदालत ने कुछ जरुरी शर्तें भी रखी हैं, जिनका पालन करना आरोपी के लिए जरुरी होगा।
बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान निदा खान की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि उनकी मुवक्किल इस समय गर्भवती हैं। ऐसे में मानवीय और चिकित्सकीय आधार पर उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसलिए अब आगे उनसे हिरासत में पूछताछ की जरुरत नहीं रह गई है।
‘आदतन अपराधी नहीं हैं निदा’
बचाव पक्ष ने अदालत के सामने यह भी दलील रखी कि निदा खान का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वकील ने कहा कि वह आदतन अपराधी नहीं है और ऐसा कोई आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि जमानत मिलने के बाद वह किसी अपराध को दोहराएगी या जांच अथवा न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करेगी। बचाव पक्ष का कहना था कि जब जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है, तब आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखने का कोई मतलब नहीं बनता।
मेडिकल आधार पर कोर्ट का फैसला
अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करते हुए माना कि आरोपी गर्भवती है और मामले की जांच भी पूरी हो चुकी है। इन चीजों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर निदा खान को जमानत देने का आदेश दिया है। हालांकि अदालत ने साफ किया कि जमानत के साथ निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना जरुरी होगा।
दानिश शेख को नहीं मिली जमानत
वहीं, इस मामले में सह-आरोपी दानिश शेख को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उसके खिलाफ लगे आरोपों को बेहद गंभीर मानते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। दानिश शेख की जमानत अर्ज़ी खारिज करते हुए, एडिशनल सेशंस जज के.जी. जोशी ने कहा कि उस पर लगे आरोप गंभीर हैं। कोर्ट नेकहा कि इस मामले में सबूतों से छेड़छाड़, आरोपी के भागने और गवाहों को डराने-धमकाने या ब्लैकमेल करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले के तीसरे आरोपी तौसीफ़ अख्तर को भी सोमवार को कोर्ट ने जमानत दे दी।
क्या है पूरा मामला?
नासिक का TCS अवैध धर्मांतरण मामला पिछले कुछ समय से चर्चा में है। इस मामले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपपत्र भी अदालत में दाखिल कर दिया है। फिलहाल मामले की सुनवाई अदालत में जारी है और दूसरे आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
अब आगे क्या होगा?
जमानत मिलने के बाद निदा खान जेल से बाहर आ सकेगी, लेकिन उसे अदालत द्वारा तय की गई सभी शर्तों का पालन करना होगा। वहीं मामले की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी। अंतिम फैसला अदालत के समक्ष पेश किए जाने वाले साक्ष्यों, गवाहों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर किया जाएगा।
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