अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि(Ram Mandir) तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक चढ़ावे में गड़बड़ी के मामले के बाद आयोजित की गई है। यह बैठक कई घंटों तक चली और इसमें ट्रस्ट से जुड़े कई प्रशासनिक व संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर खास इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की जनकारी समय से पहले सार्वजनिक न होने पाए।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक स्थल पर सिर्फ अधिकृत सदस्यों को ही अंदर आने की इजाजत दी गई थी। सेवादारों और सुरक्षा कर्मियों को भी बैठक कक्ष के बाहर ही रहने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा बैठक में शामिल होने वाले ट्रस्ट सदस्यों के मोबाइल फोन प्रवेश द्वार पर ही जमा करा लिए गए थे जिससे बैठक की कार्यवाही पूरी तरह गोपनीय बनी रहे।
महत्वपूर्ण इस्तीफों को लेकर हुई चर्चा
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चढ़ावा विवाद के बाद अपने पद से इस्तीफा देने वाले चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी बैठक में विचार किया गया। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। ट्रस्ट के नियमों के मुताबिक, किसी भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव को पारित करने के लिए आवश्यक संख्या में ट्रस्ट सदस्यों की सहमति जरूरी होती है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मिली मंजूरी
ट्रस्ट में कुल 14 सदस्य हैं जिनमें से 4 पदेन सदस्य हैं। आपको बता दें कि किसी भी फैसले की सहमति के लिए प्रस्ताव का दो-तिहाई सदस्यों का बहुमत होना जरूरी होता है। चंपत राय और अनिल मिश्रा पहले ही इस्तीफा दे चुके थे। इसके बाद 8 सदस्यों में से 6 सदस्यों की सहमति के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूर कर लिया गया है।
महंत नृत्य गोपाल दास ने जताया दुख
बैठक से पहले महंत नृत्य गोपाल दास ने जारी अपने संदेश में चढ़ावे से जुड़ी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने मंदिर की आस्था से जुड़े धन के साथ गलत किया है तो उसके खिलाफ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।