भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को स्थगित करने का फैसला लिया था। इसके बाद से पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी कर रहा है। अब पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने इस मामले में एक विवादित बयान दिया है, जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है।
मुसादिक मलिक का क्या है बयान?
मुसादिक मलिक ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या छूने की किसी भी कोशिश का कड़ा जवाब दिया जाएगा। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि एक पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री यह कह रहे हैं कि पाकिस्तान को पानी की एक बूंद भी नहीं मिलने देंगे। तरार ने यह भी दावा किया कि सिंधु जल समझौते को कोई भी पक्ष एकतरफा समाप्त या रद्द नहीं कर सकता।
भारत का रुख पहले से स्पष्ट
भारत सरकार का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिंधु जल समझौते को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले कहा था कि “आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते, और खून तथा पानी एक साथ नहीं बह सकते।”
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी दोहराया सरकार का रुख
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हाल ही में कहा था कि भारत अपने फैसले पर कायम है। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को स्थगित कर भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उनके अनुसार, भारत यह सुनिश्चित करेगा कि उसके निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा और देशहित को ध्यान में रखकर लिए जाएं।
दोनों देशों के बीच बना हुआ है तनाव
सिंधु जल समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बना हुआ है। जहां पाकिस्तान इस फैसले का विरोध कर रहा है, वहीं भारत का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति साफ है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे।
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