प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान देश के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। यह पहला अवसर है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री को सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने का सम्मान मिला। इस दौरे को भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत होते रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
भारतीय सैन्य दल की भागीदारी
स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित भव्य परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की मार्चिंग टुकड़ी ने हिस्सा लिया। भारतीय नौसेना के बैंड ने भी अपनी प्रस्तुति से समारोह की गरिमा बढ़ाई। इसके अलावा भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस तरकश और आईएनएस इक्षाक भी पोर्ट विक्टोरिया पहुंचे, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का संदेश दुनिया तक पहुंचा।
राष्ट्रपति हर्मिनी से अहम बैठक
समारोह से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल परिवर्तन, सामाजिक बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को नई गति देने पर सहमति जताई। साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक के दौरान अवैध मछली पकड़ने, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।
द्विपक्षीय रिश्तों पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत, सेशेल्स की विकास संबंधी प्राथमिकताओं में हरसंभव सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने दोनों देशों के दशकों पुराने भरोसेमंद संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई। यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और दोनों देशों के विभिन्न क्षेत्रों के संबंधों को और मजबूत करेगा।
Read More West Bengal UCC Bill: आज विधानसभा में पेश होगा UCC बिल, TMC के बागी गुट की रणनीति पर सबकी नजर

