दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। बता दें कि यह कार्रवाई दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में सक्रिय दो अलग-अलग ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधिकारियों द्वारा चलाए गए दो अभियानों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि इस पूरा घटना में चौंकाने वाली बात यह है कि साइकोट्रोपिक दवाओं की तस्करी में चार सगे भाई-बहन भी शामिल हैं।
जहांगीरपुरी में चल रहा था पूरा नेटवर्क
दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग के सहयोग से पुलिस ने जहांगीरपुरी में छापेमारी कर प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार का खुलासा किया। इस कार्रवाई के दौरान चार भाई-बहनों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने उनके कब्जे से 1,300 एडनॉक-एन टैबलेट बरामद कीं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में औसतन कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई जा रही है। साथ ही, पुलिस ने 735 एविल इंजेक्शन, 2,532 सुई और सिरिंज, 22.02 लाख रुपये नकद, 241 ग्राम सोने के आभूषण और 2.4 किलोग्राम चांदी के आभूषण को जब्त किया है।
11 फ्लैटों के दस्तावेज भी मिले
पुलिस टीम को जांच के दौरान 11 फ्लैटों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। हर फ्लैट की कीमत लगभग 12 से 15 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस यह जांच कर रही है कि इन संपत्तियों का संबंध ड्रग्स के अवैध कारोबार से है या नहीं। फिलहाल दिल्ली पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही, जांच एजेंसियां अब पूरे ड्रग नेटवर्क, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई में जुटी हैं।
अंतर-राज्यीय ड्रग सिंडिकेट भी पकड़ा
एक अन्य अभियान में एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने अंतर-राज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 1.525 किलोग्राम चरस और 3.8 किलोग्राम गांजा बरामद किया। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है।
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