Dehradun Dispute: चंडीगढ़ और पंजाब के मोहाली से देहरादून कूच करने वाले निहंग सिंह देर रात प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद वापस लौट गए। देहरादून के डीएम आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के साथ चली वार्ता सफल रही। डीएम ने बताया कि निहंग सिंह श्री पांवटा साहिब लौट गए हैं और फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। श्री पांवटा साहिब में मौजूद करीब 150 निहंग सिंह से भी प्रशासन ने बातचीत की, जिसे सफल बताया गया। हालांकि, निहंग सिंह की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बॉर्डर पर हुआ था हंगामा
इससे पहले देर रात आठ निहंग सिंह हिमाचल-उत्तराखंड बॉर्डर पर पहुंचे और उत्तराखंड में प्रवेश करने की कोशिश करने लगे। इस दौरान सुरक्षा बलों के साथ उनकी बहस हो गई। इसके बाद उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़कर देहरादून में प्रवेश कर लिया और तलवारें लहराते हुए देहरादून-पांवटा हाईवे की ओर बढ़ने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस और आईटीबीपी के जवान स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे।
डंपरों में मचाई तोड़फोड़
पुलिस द्वारा रास्ता रोकने के लिए लगाए गए दो डंपरों में भी उन्होंने तोड़फोड़ की। इसके बाद रात करीब एक बजे 10 से 15 निहंग सिंह देहरादून के रेसकोर्स गुरुद्वारे पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया। रात करीब दो बजे से ढाई बजे तक प्रशासन और निहंग सिंह के बीच बातचीत चली, जिसके बाद उन्होंने ने वापस लौटने का फैसला लिया। हालांकि, प्रशासन को अभी भी कुछ के उत्तराखंड में मौजूद होने की सूचना मिल रही है।
मांगें पूरी नहीं होने से नाराजगी
देहरादून कूच से पहले गुरुवार सुबह मोहाली के सोहाना गुरुद्वारे में निहंग सिंह की बैठक हुई थी। बैठक में उन्होंने कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार अपने साथियों की रिहाई, दर्ज एफआईआर रद्द करने और घटना में शामिल स्थानीय लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। फिलहाल उनकी कोई भी मांग पूरी नहीं हुई है और गिरफ्तार निहंग सिंह अब भी पुलिस हिरासत में हैं।
16 जून की घटना से जुड़ा है विवाद
पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई घटना से जुड़ा है। उस दिन स्थानीय लोगों और निहंग सिंह के बीच हुए मामूली विवाद के दौरान तलवार से हमला हुआ था, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए थे। इस घटना में एक निहंग सिंह भी घायल हुआ था। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर चार निहंग सिंह को गिरफ्तार किया था।
पहले भी हो चुका है गतिरोध
इस घटना के बाद 20 जून को निहंग सिंह एक श्रद्धालु को बंधक बनाकर रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए थे। यह गतिरोध 23 जून को समाप्त हुआ, जब छत पर मौजूद निहंग सिंह नीचे उतर आए। इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ और गुरुवार को मोहाली के गुरुद्वारा सिंह शहीदान से उनका एक जत्था उत्तराखंड की ओर कूच कर गया था। फिलहाल प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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