स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से इस बार राहत देने वाली खबर सामने आई है। ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए समझौते के बाद क्षेत्र में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने इस मानवीय अभियान की घोषणा की है, जिससे हजारों नाविकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
महीनों से फंसे थे नाविक
पिछले कई महीनों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के समुद्री इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ था। क्षेत्रीय संघर्षों और सुरक्षा खतरों के कारण कई व्यापारिक जहाज प्रभावित हुए। इसके चलते विभिन्न देशों के हजारों नाविक लंबे समय तक समुद्र में फंसे रहे और अपने घर नहीं लौट पाए।
IMO ने संभाली जिम्मेदारी
आईएमओ के महासचिव अर्सेनियो डोमिनगुएज के अनुसार, रेस्क्यू अभियान के लिए जरूरी सुरक्षा मंजूरियां मिल चुकी हैं और समुद्री मार्गों का सुरक्षा आकलन भी पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद इस अभियान का रास्ता साफ हुआ है। इस मिशन में ईरान, ओमान और क्षेत्र के अन्य देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री उद्योग भी सहयोग कर रहा है, ताकि नाविकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
संघर्ष में हुईं कई घटनाएं
आईएमओ के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी के अंत से 11 जून तक इस क्षेत्र में जहाजों से जुड़ी 46 गंभीर घटनाएं दर्ज की गईं। इन घटनाओं में 14 नाविकों की मौत हुई, जबकि हजारों अन्य नाविकों को लगातार जोखिम और अनिश्चितता के बीच काम करना पड़ा। डोमिनगुएज ने जान गंवाने वाले नाविकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वैश्विक व्यापार को बनाए रखने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
व्यापारिक जहाजों के लिए खुला होर्मुज
इस बीच ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है। यहां से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त टोल नहीं लगाया जाएगा। बताया गया है कि अगले 60 दिनों में स्थिति की समीक्षा की जाएगी, जो ईरान और अमेरिका के बीच आगे होने वाली वार्ताओं पर निर्भर करेगी।

