उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026’ को संबोधित करते हुए राज्य में पिछले नौ वर्षों के दौरान हुए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की पहचान खराब कानून-व्यवस्था, नीतिगत पंगुता और पलायन से जुड़ी थी, लेकिन आज राज्य विकास, निवेश और सुशासन का नया मॉडल बनकर उभरा है।
“9 साल पहले उत्तर प्रदेश की छवि अलग थी”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को एक ऐसे राज्य के रूप में देखा जाता था जहां कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर थी और शासन व्यवस्था प्रभावी नहीं थी। उन्होंने कहा कि आज से नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश की धारणा बहुत अच्छी नहीं मानी जाती थी। बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था, पॉलिसी पैरालिसिस और विकास की चर्चा से दूर एक ऐसा राज्य था, जिसे उत्तर भारत के बीमारू राज्यों में गिना जाता था।”
पलायन बना हुआ था बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री योग आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय रोजगार और अवसरों की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोगों का पलायन हो रहा था। कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से लोगों का भरोसा भी कम हो गया था। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए जरूरी ढांचे पर ध्यान नहीं दिया गया था।
विकास और निवेश का नया केंद्र बना UP
मुख्यमंत्री योग आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में निवेश, उद्योग, कृषि, आधारभूत ढांचा और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि आज मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि उत्तर प्रदेश में वह सब कुछ उपलब्ध है जिसकी भारत को अपेक्षा है।” ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग के मंच से मुख्यमंत्री ने निवेशकों को सुरक्षित और अनुकूल कारोबारी वातावरण का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत बुनियादी ढांचे और नीतियों के कारण देश और दुनिया के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
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