केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू(Ravneet Bittu) एक बार फिर पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके। निर्धारित तिथि पर पेशी न होने के चलते आयोग ने अब उन्हें 24 जून को दोबारा तलब किया है। इस मामले में आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ संकेत दिया है कि अगली तारीख पर अनुपस्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी। आज हुई सुनवाई के दौरान मंत्री बिट्टू की ओर से उनके वकील उपस्थित हुए।
वकीलों ने आयोग को बताया कि मंत्री इन दिनों आधिकारिक कार्यों और व्यस्त कार्यक्रमों के कारण व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो पाए। हालांकि आयोग ने इस दलील को गंभीरता से लेते हुए पहले से दी गई तिथि और सूचना का हवाला दिया। आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी ने स्पष्ट किया कि पिछली तारीख भी पक्ष की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तय की गई थी और मामले से संबंधित सभी जानकारी पहले से उपलब्ध कराई जा चुकी थी। ऐसे में बार-बार पेशी से बचना उचित नहीं माना जा सकता।
आयोग ने अपनाया सख्त रुख
स्थिति को देखते हुए आयोग ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 जून की तारीख तय कर दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यह अंतिम अवसरों में से एक हो सकता है। आयोग चाहता है कि संबंधित पक्ष स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखे ताकि जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। इससे पहले भी मंत्री बिट्टू को आयोग द्वारा समन जारी किया गया था लेकिन उस समय भी वे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए थे।
उनकी ओर से केवल कानूनी प्रतिनिधि ही आयोग में पहुंचे थे और अतिरिक्त समय की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान संगरूर के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह छिब्बर भी आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और मामले से जुड़ी आवश्यक जानकारी साझा की। इससे पहले आयोग द्वारा मांगी गई रिपोर्ट पुलिस प्रशासन की ओर से प्रस्तुत की जा चुकी है जिससे जांच प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।
आखिर क्या है मामला ?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था जिसमें कथित रूप से जातिगत टिप्पणी से जुड़ी बात सामने आई थी। वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
मामले के बढ़ते विवाद के बीच रवनीत सिंह बिट्टू ने सार्वजनिक रूप से अपने बयान पर खेद जताते हुए माफी भी मांग ली थी। हालांकि, इसके बावजूद आयोग ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए औपचारिक जांच जारी रखी। पुलिस की रिपोर्ट भी आयोग को सौंप दी गई है जिससे अब आगे की सुनवाई और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया अहम मानी जा रही है।