अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति, अमरनाथ यात्रा के लिए किए गए सुरक्षा इंतजाम, आतंकवाद-रोधी अभियानों और नार्को-टेरर नेटवर्क पर चर्चा की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
सूत्रों के अनुसार बैठक में अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों की सुरक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती, निगरानी तंत्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, आवास, संचार सुविधाएं और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया जाएगा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साथ ही जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी आमद की संभावना जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने यात्रा की सुरक्षा के लिए 670 अर्धसैनिक बल कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी है। इन बलों की तैनाती का काम शुरू हो चुका है।
बैठक में शामिल होंगे वरिष्ठ अधिकारी
उच्चस्तरीय बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, गृह सचिव चंद्राकर भारती, खुफिया प्रमुख नीतीश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचने की उम्मीद है। यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन लगातार समन्वय के साथ तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। गृह मंत्री की यह बैठक इन्हीं तैयारियों की व्यापक समीक्षा का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
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