गाजियाबाद(Ghaziabad) के मोदीनगर स्थित बेगमाबाद गांव में जामा मस्जिद के निकट बनी दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन द्वारा जारी ध्वस्तीकरण आदेश के बाद दुकानदारों ने स्वयं अपनी दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि निर्धारित समय सीमा के भीतर दुकानें खाली नहीं की गईं तो बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और किसी भी गलत स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
वर्षों पुराने भूमि विवाद का मामला
जामा मस्जिद के पास स्थित यह बाजार लंबे समय से भूमि स्वामित्व को लेकर विवादों में रहा है। स्थानीय स्तर पर यह विवाद पहले ग्राम पंचायत और मस्जिद कमेटी के बीच था लेकिन बाद में नगर पालिका परिषद और मस्जिद कमेटी के बीच कानूनी लड़ाई का रूप ले लिया।
करीब 14 दुकानों वाला यह बाजार वर्षों से संचालित हो रहा था। दोनों पक्ष संबंधित भूमि पर अपना-अपना दावा करते रहे, जिसके चलते मामला उपजिलाधिकारी न्यायालय में विचाराधीन था।
कोर्ट के फैसले ने बदली स्थिति
हाल ही में उपजिलाधिकारी न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद भूमि को नगर पालिका परिषद की संपत्ति माना। न्यायालय ने अपने आदेश में वहां निर्मित दुकानों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें हटाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही संबंधित पक्षों पर लगभग 2.22 करोड़ रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया। आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि निर्धारित समय के भीतर दुकानें खाली कर दी जाएं अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
ध्वस्तीकरण की समय सीमा नजदीक आने के बाद दुकानदारों ने स्वयं ही दुकानों को हटाने का निर्णय लिया। रविवार को कई दुकानदार अपनी दुकानों की दीवारें और संरचनाएं तोड़ते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था और सभी पक्षों को आदेश की जानकारी दे दी गई थी। ऐसे में जबरन कार्रवाई से बचने के लिए अधिकांश दुकानदारों ने स्वेच्छा से निर्माण हटाना शुरू कर दिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रशासन इस पूरे मामले को संवेदनशील मानते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए आसपास के क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, यदि निर्धारित समय के भीतर निर्माण नहीं हटाए जाते, तो प्रशासन बुलडोजर की मदद से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करता। हालांकि दुकानदारों द्वारा स्वयं निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर देने से स्थिति फिलहाल शांतिपूर्ण बनी हुई है।