Khan Sir Coaching Attack: पटना में शनिवार देर रात उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस टीम खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) के संचालक खान सर उर्फ फैजल खान तक पहुंचने के लिए कोचिंग परिसर पहुंची। पुलिस की कार्रवाई की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक कोचिंग सेंटर के बाहर जमा हो गए। छात्रों की मौजूदगी के कारण पुलिस अपनी कार्रवाई पूरी नहीं कर सकी और इलाके में पूरी रात हलचल बनी रही।
पुलिस के सामने रात भर डटे रहे छात्र
पुलिस ने कई बार छात्रों को मौके से हटाने की कोशिश की, लेकिन समर्थक वहां से हटने को तैयार नहीं हुए। इसके चलते प्रशासन और छात्रों के बीच लंबे समय तक गतिरोध की स्थिति बनी रही। हालांकि, पुलिस की ओर से इस पूरी बवाल पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वायरल वीडियो ने बदली जांच की दिशा
इस पूरा मामले ने तब तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में खान सर का एक बॉडीगार्ड गोली चलाता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए KGS परिसर पहुंचकर जांच शुरू की और दो बॉडी गार्ड्स को हिरासत में ले लिया।
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हथियार
पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों सुरक्षाकर्मियों के हथियार जब्त कर उन्हें फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) जांच के लिए भेज दिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वायरल वीडियो में दिखाई गई फायरिंग और जब्त हथियारों के बीच कोई संबंध है या नहीं।
खान सर पर दर्ज हुआ आर्म्स एक्ट का मामला
वायरल वीडियो की जांच के बाद पटना पुलिस ने खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। इससे पहले इस विवाद में पुलिस का फोकस मुख्य रूप से दूसरे पक्ष पर था, लेकिन नए वीडियो के सामने आने के बाद जांच की दिशा बदलती दिखाई दे रही है।
दो बड़े कोचिंग सेंटर्स का विवाद
जानकारी के अनुसार, यह विवाद केवल फायरिंग की घटना तक सीमित नहीं है। इसके पीछे पटना के दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग के बीच लंबे समय से चल रहा टकराव भी माना जा रहा है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद और फैजल खान के बीच विवाद अब पुलिस केस का रूप ले चुका है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
बताया जा रहा है कि 27 मई को बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद दोनों संस्थानों ने सबसे अधिक छात्रों के चयन का दावा किया था। इसके बाद दोनों पक्षों ने सम्मान समारोह आयोजित किए और शहरभर में प्रचार सामग्री लगाई। आरोप है कि इसी दौरान एक कोचिंग संस्थान के बोर्ड पर दूसरे संस्थान का बैनर लगाए जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे बढ़ता चला गया।
तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग तक पहुंचा मामला
विवाद बढ़ने के बाद 2 और 3 जून की रात दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग की घटनाएं हुईं। शुरुआती कार्रवाई में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन बाद में सामने आए वीडियो ने जांच को नई दिशा दे दी।
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