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अमेरिकी सेना का ईरान पर हमला! 4 सुसाइड ड्रोन गिराने के बाद रडार साइट्स को दहलाया, गोरुक और केशम द्वीप पर धमाके

Iran America Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर चल रही कोशिशों के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दोनों देशों के बीच एक बार फिर सैन्य झड़प हो गई है। इस हमले को लेकर दोनों देशों ने अलग-अलग दावे किए हैं, जिससे क्षेत्र में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं।

ईरान ने गोलाबारी को लेकर किया बड़ा दावा

ईरान की अर्धसरकारी मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी बलों ने होर्मुज के पास ‘चेतावनी’ के तौर पर कई गोलियां चलाईं। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी नौसैनिक जहाजों की गतिविधियों में हलचल देखे जाने के बाद यह कदम उठाया गया। ईरान का कहना है कि गोलीबारी का निशाना समुद्र में लारक द्वीप के निकट का इलाका था। लारक, रणनीतिक महत्व वाले बंदर अब्बास बंदरगाह के पास स्थित एक छोटा द्वीप है।

अमेरिका ने ड्रोन हमले का किया दावा

दूसरी ओर एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की दिशा में कई ड्रोन दागे थे। अमेरिकी सेंट्रल कमान के अनुसार, अमेरिकी सेना ने चार हमलावर ड्रोन को मार गिराया। कमान ने कहा, ‘अमेरिकी सेना ने आज ईरान के चार हमलावर ड्रोन को मार गिराने के बाद ईरान में ‘तटीय निगरानी रडार स्थलों’ पर हमला किया।’

रडार ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी सेना का कहना है कि इन ड्रोनों से क्षेत्रीय समुद्री यातायात को खतरा था। इसके बाद आत्मरक्षा के तहत गोरुक और केशम द्वीप पर स्थित ईरानी तटीय निगरानी रडार स्थलों को निशाना बनाया गया। केशम द्वीप भी बंदर अब्बास और लारक के समीप स्थित है। अमेरिकी सेना ने साफ किया कि वह आत्मरक्षा में ईरान के हमलों का जवाब देना जारी रखेगी।

ईरान ने हमले के दावों को बताया निराधार

अमेरिकी दावों के बीच ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास में किसी भी तरह के हमले की खबरों को खारिज कर दिया। ईरान का कहना है कि अमेरिकी दावे वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते और इन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

ट्रंप का दावा- मिसाइल भंडार में आई कमी

इस हमले से कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक टीवी इंटरव्यू में दावा किया था कि ईरान के पास अब केवल 21 से 22 प्रतिशत मिसाइलें ही बची हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा चल रही थी।

कुवैत हमले से भी बढ़ी चिंता

रिपोर्ट के अनुसार, इसी सप्ताह ईरानी ड्रोन ने कुवैत के मुख्य हवाई अड्डे के एक यात्री टर्मिनल को नुकसान पहुंचाया था। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी जबकि कई लोग घायल हुए थे। कुछ समय के लिए हवाई अड्डे का संचालन भी प्रभावित हुआ था।

संघर्ष खत्म होने का भरोसा जता चुके हैं ट्रंप

तनाव बढ़ने के बावजूद ट्रंप प्रशासन लगातार यह दावा करता रहा है कि वह संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था, ‘हम किसी न किसी तरह से जीतेंगे।’

इजरायल-लेबनान मोर्चे पर भी बढ़ी मुश्किल

क्षेत्रीय हालात को और जटिल बनाते हुए इजरायल और लेबनान के बीच भी संघर्ष जारी है। ट्रंप प्रशासन ने पहले दावा किया था कि लेबनानी सरकार और इजरायल के बीच युद्धविराम समझौता हो गया है, लेकिन ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह आतंकवादी संगठन ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच फिर हमले शुरू हो गए।

ईरान ने रखी नई शर्त

लेबनान में जारी संघर्ष का असर ईरान-अमेरिका तनाव पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने साफ किया है कि किसी भी युद्धविराम या सीजफायर को तभी मान्यता दी जाएगी, जब लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई भी पूरी तरह बंद होगी। ऐसे में होर्मुज से लेकर लेबनान तक फैला तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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