IDFC Bank Scam: 645 करोड़ रुपये के चर्चित IDFC बैंक घोटाले में ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी की चंडीगढ़ जोनल इकाई ने 29 मई 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत यह कार्रवाई की है। एजेंसी का आरोप है कि वाधवा ने सरकारी धन के गबन और उसे विभिन्न माध्यमों से छिपाने में अहम भूमिका निभाई।
सरकारी खातों से करोड़ों के गबन का आरोप
ईडी के अनुसार, जांच में हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ व पंचकूला के दो निजी स्कूलों के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खातों से करीब 645 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का खुलासा हुआ है। एजेंसी का दावा है कि विक्रम वाधवा इस पूरे मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल है और उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई है।
कई लोगों के साथ मिलकर की गई साजिश
जांच एजेंसी के मुताबिक, विक्रम वाधवा पर रिभव ऋषि, अभय कुमार, कुछ बैंक अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप है। ईडी का कहना है कि उसने अपराध से पाई रकम को कई खातों और संस्थाओं के जरिए घुमाकर उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने का प्रयास किया है।
खाते में पहुंचे 70 करोड़ रुपये से अधिक
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि विक्रम वाधवा के व्यक्तिगत बैंक खाते में 70 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंची थी। एजेंसी का आरोप है कि घोटाले से जुड़ी रकम का एक हिस्सा नकदी के रूप में भी प्राप्त किया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस धन का इस्तेमाल विभिन्न कंपनियों में निवेश और कई अचल संपत्तियों की खरीद में किया गया।
शेल कंपनियों के जरिए धन घुमाने का आरोप
जांच के दौरान कुछ शेल कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें कैपको फिनटेक सर्विसेज, स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, आरएस ट्रेडर्स और एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ईडी का आरोप है कि सरकारी विभागों के खातों से धनराशि इन कंपनियों के खातों में भेजी गई और बाद में अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से उसका लेन-देन कर वास्तविक स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई।
ज्वेलर्स के जरिए नकदी उपलब्ध कराने का दावा
ईडी का दावा है कि सैकड़ों करोड़ रुपये की रकम इन कंपनियों से विभिन्न ज्वेलर्स को भेजी गई। एजेंसी के अनुसार, बैंकिंग लेन-देन के बदले नकदी उपलब्ध कराई गई और बाद में यह रकम विभिन्न सरकारी अधिकारियों और कारोबारियों तक पहुंचाई गई। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
अदालत ने चार दिन की रिमांड पर भेजा
गिरफ्तारी के बाद ईडी ने विक्रम वाधवा को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे 2 जून तक चार दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। एजेंसी अब उससे पूछताछ कर धन के प्रवाह और अन्य संदिग्ध लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इससे पहले इसी मामले में रिभव ऋषि और अभय कुमार को 11 मई को गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपियों से 11 दिनों तक पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। ईडी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
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