Pathankot-Jogindernagar Rail Service: करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेज रेल सेवा एक बार फिर पटरी पर लौट आई है। रेल सेवा बहाल होने से पंजाब और हिमाचल प्रदेश के यात्रियों में खुशी की लहर है। पहले ही दिन करीब 60 यात्रियों ने ट्रेन में सफर किया। यात्रियों का कहना है कि जहां बस से जोगिंदरनगर पहुंचने में लगभग 392 रुपए खर्च होते थे, वहीं अब ट्रेन से महज 40 रुपए में यात्रा पूरी की जा सकेगी।
पहले दिन दो ट्रेनों का संचालन
रेल सेवा बहाली के पहले दिन पठानकोट सिटी नैरोगेज रेलवे स्टेशन से सात कोच वाली दो ट्रेनों को रवाना किया गया। पहली ट्रेन सुबह 5 बजे और दूसरी सुबह 7 बजे बैजनाथ के लिए चली। वहीं हिमाचल प्रदेश की ओर से ट्रेनों का संचालन सुबह 8:30 बजे कांगड़ा रेलवे स्टेशन से शुरू किया गया।
उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
रेल सेवा की ऐतिहासिक वापसी के अवसर पर कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर विशेष उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर सांसद अनुराग ठाकुर, सांसद राजीव भारद्वाज और विधायक पवन कुमार काजल ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उत्तर रेलवे ने इस बहाली को क्षेत्र की अहम उपलब्धि बताया है।
यात्रियों ने जताई खुशी
ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के चेहरे पर उत्साह साफ दिखाई दिया। उत्तर प्रदेश से आए राजेश ने बताया कि पहले बैजनाथ जाने के लिए लगभग 340 रुपए खर्च करने पड़ते थे, जबकि अब केवल 35 रुपए में सफर संभव है। दिल्ली से आए मनोज ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2003 में इस ट्रेन में यात्रा की थी और दो दशक बाद फिर इस सफर का आनंद लेने का अवसर मिला है। राजपुरा की साक्षी ने टॉय ट्रेन में पहली बार सफर करने को लेकर उत्साह जताया, जबकि गाजियाबाद के शहबाज ने कहा कि ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
लोको पायलट भी हुए भावुक
ट्रेन के लोको पायलट ने बताया कि लगभग चार साल बाद इस रेलखंड पर ट्रेन चलाना उनके लिए भी खास अनुभव है। उन्होंने कहा कि यात्री न केवल कम खर्च में यात्रा कर सकेंगे, बल्कि धौलाधार पर्वतमाला के सुंदर दृश्यों का भी आनंद ले पाएंगे।
70 करोड़ की लागत से बना नया पुल
रेल मंत्रालय ने इस रेल मार्ग को फिर से चालू करने के लिए क्षतिग्रस्त चक्की रेलवे पुल की जगह लगभग 70 करोड़ रुपए की लागत से नया आधुनिक पुल तैयार कराया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक का निरीक्षण, सुरक्षा परीक्षण और ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा किया। सभी तकनीकी मानकों पर खरा उतरने के बाद रेल सेवा बहाल करने का फैसला लिया गया।
बाढ़ के बाद बंद हो गई थी रेल सेवा
अगस्त 2023 में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित चक्की रेलवे पुल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल टूटने के कारण पठानकोट-जोगिंदरनगर रेलखंड पर ट्रेन संचालन पूरी तरह बंद हो गया था। इसके बाद रेल मंत्रालय ने युद्धस्तर पर काम करते हुए नए पुल का निर्माण कराया और अब रेल सेवा फिर से शुरू कर दी गई है।
किराए में बड़ा अंतर
इस रेल सेवा की सबसे बड़ी खासियत इसका किफायती किराया है। नूरपुर तक ट्रेन का किराया मात्र 10 रुपए है, जबकि बस से 50 रुपए खर्च होते हैं। कांगड़ा के लिए ट्रेन किराया 25 रुपए और बस किराया 218 रुपए है। पालमपुर के लिए ट्रेन से 30 रुपए और बस से 297 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। बैजनाथ तक ट्रेन किराया 35 रुपए है, जबकि बस से 340 रुपए लगते हैं। वहीं जोगिंदरनगर के लिए ट्रेन का किराया केवल 40 रुपए है, जबकि बस का किराया 392 रुपए तक पहुंचता है।
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