West Bengal Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार सोमवार को अपने पहले बड़े मंत्रिमंडल विस्तार की ओर बढ़ रही है। सरकार गठन के लगभग तीन सप्ताह बाद राज्य को पूरा मंत्रिपरिषद मिलने जा रहा है। लोक भवन में सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में 35 से अधिक विधायकों को मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। राज्यपाल आर.एन. रवि इस समारोह में नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे।
CM शुभेंदु ने शेयर की जानकारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंत्रिमंडल विस्तार की जानकारी साझा करते हुए कहा कि उनकी सरकार पश्चिम बंगाल के लोगों की इच्छाओं और विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। राजनीतिक रूप से इस विस्तार को नई सरकार के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कई चेहरों को मिल सकती है जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा के कई प्रमुख नेताओं को जगह मिल सकती है। संभावित मंत्रियों की सूची में पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भाजपा नेता अशोक डिंडा, पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता तथा भाजपा की वरिष्ठ नेता एवं अभिनेत्री रूपा गांगुली के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके और बाद में भाजपा में शामिल हुए तपस रॉय को भी मंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।
विजयी विधायकों को भी मिल सकता है मौका
भाजपा के कई ऐसे विधायक, जिन्होंने हालिया विधानसभा चुनाव में अपनी सीट बरकरार रखी, उन्हें भी मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है। इनमें कुल्टी से दूसरी बार विधायक बने अजय कुमार पोद्दार, फालाकाटा से दूसरी बार निर्वाचित दीपक बर्मन, सिलीगुड़ी से दोबारा जीते शंकर घोष और हबीबपुर से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए जोयल मुर्मू का नाम शामिल है। सूत्रों का कहना है कि संभावित मंत्रियों में बड़ी संख्या ऐसे नेताओं की भी है जो पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं।
पहले चरण में केवल 6 नेताओं ने ली थी शपथ
9 मई को हुए शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ केवल पांच अन्य भाजपा विधायक मंत्री बने थे। इनमें अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक, दिलीप घोष, अशोक किर्तनिया और क्षुदिराम टुडू शामिल थे। अब होने वाला विस्तार सरकार को लगभग पूरा स्वरूप देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
44 मंत्रियों तक हो सकती है परिषद की संख्या
पश्चिम बंगाल में मंत्रिपरिषद में अधिकतम 44 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। ऐसे में सोमवार का विस्तार सरकार के प्रशासनिक और राजनीतिक संतुलन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शपथ ग्रहण में दिखा था राष्ट्रीय नेतृत्व का दम
9 मई को सरकार गठन के दौरान आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री मौजूद रहे थे। इस उपस्थिति को पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और उसके राजनीतिक महत्व के संकेत के रूप में देखा गया था।
रवींद्र जयंती पर हुआ था सरकार गठन
भाजपा ने मुख्यमंत्री और शुरुआती मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के लिए 9 मई की तारीख चुनी थी, जो नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती यानी रवींद्र जयंती का दिन था।
15 साल बाद सत्ता से बाहर हुई TMC
हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा की 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। वहीं तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। वर्ष 2011 में सत्ता में आने के बाद यह तृणमूल कांग्रेस का सबसे कमजोर प्रदर्शन माना गया। भाजपा की जीत के साथ राज्य में 15 वर्षों से चला आ रहा तृणमूल कांग्रेस का शासन समाप्त हो गया और अब मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए नई सरकार अपने प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने जा रही है।
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