Delhi Shalimar Bagh Bulldozer Action: राजधानी दिल्ली के शालीमार बाग में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अवैध मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई अभियान शुरू कर दिया है। नगर निगम की टीम रविवार सुबह बुलडोजर और अन्य मशीनों के साथ मौके पर पहुंच चुकी है। प्रशासन के अनुसार, शालीमार गांव में बने करीब 150 अवैध मकानों और अन्य निर्माणों को हटाया जा रहा है। प्रभावित लोगों को पहले ही नोटिस जारी कर 30 मई 2026 तक मकान खाली करने का समय दिया गया था।
नोटिस अवधि खत्म होने के बाद हुई कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित समयसीमा खत्म होने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित लोगों को पहले ही सूचित किया जा चुका था और उन्हें अपने स्तर पर निर्माण हटाने या स्थान खाली करने का पूरा अवसर दिया गया था। समयसीमा पूरी होने के बाद नगर निगम ने ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया।
सड़क चौड़ीकरण योजना से जुड़ा अभियान
प्रशासन के अनुसार, मैक्स अस्पताल के आसपास के इलाके और मुख्य सड़क के किनारे किए गए अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत लगभग 30 मीटर तक के अतिक्रमण को हटाने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी सुरक्षा
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की घटना को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मौके पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की करीब पांच कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें लगभग 500 जवान शामिल हैं। इसके अलावा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की चार कंपनियों के करीब 400 जवान भी अभियान स्थल पर मौजूद हैं।
महिला कमांडो भी मोर्चे पर
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सीआरपीएफ की करीब 200 महिला कमांडो भी तैनात की गई हैं। प्रशासन का कहना है कि महिलाओं और परिवारों की मौजूदगी को देखते हुए महिला सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके।
पुलिस के एक हजार जवान तैनात
दिल्ली पुलिस ने भी इलाके में सुरक्षा का मजबूत घेरा बनाया हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, 1,000 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी अभियान की निगरानी कर रहे हैं। इनमें 50 से ज्यादा इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी और लगभग 15 एसीपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। प्रशासन पूरे अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए है और कार्रवाई को सही तरीके से अंजाम दिया जा रहा है।
अवैध मकानों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
देशभर में अवैध निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही कड़ा रुख अपना चुका है। अदालत ने साफ किया है कि केवल अवैध निर्माणों की पहचान करना काफी नहीं है, बल्कि संबंधित राज्यों और स्थानीय निकायों को यह भी बताना होगा कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
भूमि उपयोग में बदलाव पर क्या बोला कोर्ट?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कई मामलों में भवनों को एक उद्देश्य के लिए परमिशन दी जाती है, लेकिन बाद में उनका उपयोग किसी दूसरे काम के लिए किया जाता है। अदालत ने इसे कानून और व्यवस्था के साथ धोखाधड़ी जैसा बताया था। कोर्ट ने राज्यों, नगर निकायों और विकास प्राधिकरणों से अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
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