Iran-US Tension: अमेरिका और ईरान के बीच एक ओर जहां शांति समझौते को लेकर बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच तनाव भी लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी बीच ईरान ने दावा किया कि उसकी सेना ने दक्षिणी शहर बुशहर के पास अमेरिका के एक फाइटर जेट को मार गिराया है। हालांकि अमेरिकी सेना ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए साफ कहा कि उसका कोई भी विमान नुकसान का शिकार नहीं हुआ है।
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया पर जारी किया जवाब
ईरान के दावे के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रिएक्शन दिया । सेंटकॉम ने ‘फैक्ट चेक’ पोस्ट जारी करते हुए कहा कि ईरानी सरकारी टीवी पर अमेरिकी फाइटर जेट गिराने का जो दावा किया गया है, वह पूरी तरह झूठा है। पोस्ट में कहा गया कि अमेरिका का कोई भी विमान नहीं गिराया गया और सभी एयर एसेट पूरी तरह सुरक्षित हैं।
🚫CLAIM: Iran's state TV claimed Iranian forces downed a U.S. aircraft near Bushehr. FALSE.
✅TRUTH: No U.S. aircraft were shot down. All U.S. air assets are accounted for. pic.twitter.com/2EaKJ2Fj3d
— U.S. Central Command (@CENTCOM) May 28, 2026
ईरानी सरकारी टीवी ने क्या कहा?
ईरान के सरकारी टीवी ने गुरुवार को एक स्थानीय अधिकारी के हवाले से दावा किया कि बुशहर इलाके में एयर डिफेंस सिस्टम ने एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को निशाना बनाकर गिरा दिया। रिपोर्ट के अनुसार यह घटना तटीय प्रांत के पास हुई, जहां कुछ समय के लिए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर रहीं।
स्थानीय गवर्नर ने भी किया दावा
ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, जाम काउंटी के गवर्नर मसूद तंगस्तानी ने कहा कि जाम इलाके में एक अमेरिकी विमान को नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि रात में हुई घटना दुश्मन के विमान को गिराने से जुड़ी थी। हालांकि बाद में उन्होंने यह भी कहा कि शहर में स्थिति अब सामान्य है।
तनाव के बीच शांति समझौते की चर्चा तेज
इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच सीजफायर बढ़ाने और परमाणु वार्ता शुरू करने पर बातचीत आगे बढ़ी है। एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि ईरानी वार्ताकार 60 दिनों तक युद्धविराम बढ़ाने और नई परमाणु वार्ता शुरू करने पर सहमत हो गए हैं।
ट्रंप की मंजूरी का इंतजार
रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों के बीच एक अस्थायी समझौते का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। अब इस प्रस्ताव पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। अगर इस समझौते को अंतिम रूप मिलता है तो लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा सकता है।
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