लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में इंटरनेशनल क्रिमिनल सिंडिकेट और आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने 2 और गुर्गों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से मिलिट्री-ग्रेड के 2 जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई कर पंजाब में एक बड़ा आतंकी हमला टाल दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के तार लक्खा गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं।
17 मई से शुरू हुई थी जांच
लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने बताया कि इस नेटवर्क का पहला खुलासा 17 मई को हुआ था। उस समय थाना लाडोवाल क्षेत्र में हार्डीज वर्ल्ड के पास पुलिस ने टारगेट किलिंग की साजिश को नाकाम करते हुए दो शूटरों अनुराज उर्फ गौरव मसीह और अंकुश को गिरफ्तार किया था।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार शूटर विदेश में बैठे गैंगस्टरों और हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहे थे। इनमें जर्मनी में बैठा जोरावर सिंह और लाखा, जबकि दुबई में बैठा साहिल सोंधी उर्फ चुंज शामिल हैं। रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के बाद पुलिस इस मॉड्यूल की विस्फोटक सप्लाई चेन के बारे में पता चला।
माझा क्षेत्र से पकड़े गए दो मुख्य आरोपी
पुलिस ने माझा क्षेत्र से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहला आरोपी करनदीप सिंह उर्फ करण है, जो तरनतारन के थाना झबाल क्षेत्र के खैरुद्दीन गांव का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक वह आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास व NDPS एक्ट के कई मामले दर्ज हैं दूसरा आरोपी बलजीत सिंह उर्फ संजू है, जो अमृतसर के रामदास थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती का निवासी है। जांच में सामने आया है कि इन दोनों को मलेशिया में बैठे हैंडलर आकाशदीप उर्फ गोल्डन ने इस नेटवर्क से जोड़ा था।
FIR में जोड़ी गईं विस्फोटक अधिनियम की धाराएं
हैंड ग्रेनेड बरामद होने के बाद पुलिस ने पहले से दर्ज FIR में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के साथ BNS की धारा 317(2) भी जोड़ दी है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से विदेशी गैंगस्टर नेटवर्क के शूटिंग मॉड्यूल और हथियार सप्लाई चैन को बड़ा झटका लगा है। अब पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्थानीय मददगारों और संपर्कों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
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