कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की CAPF, SSF कांस्टेबल (GD) और असम राइफल्स भर्ती परीक्षा-2026 में धांधली कराने वाले एक हाईटेक गिरोह का उत्तर प्रदेश STF ने पर्दाफाश किया है। नोएडा STF यूनिट ने ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर गिरोह के सरगना समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह ऑनलाइन परीक्षा के सर्वर को बाईपास कर प्रॉक्सी सर्वर और स्क्रीन शेयरिंग तकनीक के जरिए बाहर बैठे सॉल्वर से पेपर हल करा रहा था।
परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया पूरा नेटवर्क
STF के अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्र के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप चौहान, अरुण कुमार, संदीप भाटी, निशांत राघव, अमित राणा, शाकिर मलिक और विवेक कुमार के रूप में हुई है। इनमें शाकिर मलिक और विवेक कुमार परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी बताए गए हैं, जबकि बाकी आरोपी पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
50 लाख कैश बरामद
STF ने आरोपियों के पास से 50 लाख रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, एक राउटर, अभ्यर्थियों की सूची, दो एडमिट कार्ड और परीक्षा कराने वाली कंपनी के चार एंट्री कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में धांधली कराने में सक्रिय था।
कैसे करते थे ऑनलाइन परीक्षा में नकल?
पुलिस ने जब ऑनलाइन में नकल कैसे करते हो ये सवाल पूछा तो मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान ने बताया कि वह बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र संचालित करता था। इसी केंद्र पर एडुक्टी कंपनी द्वारा SSC की ऑनलाइन परीक्षा कराई जा रही थी। आरोपियों ने परीक्षा केंद्र के सर्वर को बाईपास करने के लिए प्रॉक्सी सर्वर लगाया था। इसके जरिए कंप्यूटर स्क्रीन बाहर बैठे सॉल्वर तक पहुंचाई जाती थी। सॉल्वर तुरंत प्रश्नों के उत्तर भेज देता था, जिन्हें अभ्यर्थी परीक्षा में भरते थे।
IT हेड और लैब सुपरवाइजर भी शामिल
जांच में सामने आया कि आरोपी अरुण कुमार परीक्षा केंद्र का IT सेटअप संभालता था। वही प्रॉक्सी सर्वर और तकनीकी व्यवस्था तैयार करता था। वहीं संदीप भाटी अलग-अलग कंपनियों में लैब सुपरवाइजर के रूप में काम करता था और ऐसे अभ्यर्थियों को तलाशता था जो पैसे देकर परीक्षा पास करना चाहते थे। STF को शक है कि यह गिरोह कई अन्य ऑनलाइन भर्ती परीक्षाओं में भी इसी तरह की धांधली कर चुका है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
Read More

