China Cole Mine Blast: चीन के उत्तरी शांक्सी प्रांत में स्थित लिउशेन्यू कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 82 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई मजदूर अब भी जमीन के नीचे फंसे हुए हैं। हादसे के बाद खदान में अफरा-तफरी मच गई और बचाव दलों को तुरंत मौके पर भेजा गया।
मजदूरों में मची अफरा-तफरी
चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, हादसा शुक्रवार शाम करीब 7 बजकर 29 मिनट पर हुआ। उस समय खदान के अंदर कुल 247 मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट के बाद खदान में धुआं और जहरीली गैस तेजी से फैल गई, जिससे अंदर मौजूद मजदूरों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
रातभर चले बचाव अभियान के दौरान शनिवार सुबह तक 201 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि कई मजदूर अभी भी अंदर फंसे बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार कुछ फंसे मजदूरों की हालत बेहद गंभीर हो सकती है।
जहरीली गैस बनी मौत की वजह
जांच में सामने आया है कि खदान के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर अचानक बेहद खतरनाक सीमा तक पहुंच गया था। यह गैस बिना रंग और बिना गंध वाली होती है, जिसके कारण लोग समय रहते इसका अंदाजा नहीं लगा पाते।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अधिक मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई रोक देती है, जिससे दम घुटने, बेहोशी और मौत तक हो सकती है। माना जा रहा है कि विस्फोट के बाद गैस तेजी से फैली और बड़ी संख्या में मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन, आपदा राहत एजेंसियों और मेडिकल टीमों को तुरंत मौके पर तैनात किया गया। बचावकर्मियों ने पूरी रात खदान के अंदर फंसे मजदूरों को निकालने का अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, कई हिस्सों में जहरीली गैस और धुएं के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। इसके बावजूद लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
शी जिनपिंग ने दिए सख्त निर्देश
घटना के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हादसे पर दुख जताया और घायलों के इलाज तथा बचाव अभियान में हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना से सबक लेने की जरूरत है और सभी विभागों को कार्यस्थल सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू करना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
क्यों बदनाम हैं चीन की खदानें?
शांक्सी प्रांत चीन का सबसे बड़ा कोयला उत्पादन क्षेत्र माना जाता है। चीन की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी इलाके की खदानों से पूरा होता है। दुनिया में सबसे ज्यादा कोयला इस्तेमाल करने वाले देशों में शामिल चीन लंबे समय से खनन हादसों को लेकर बदनाम है। हालांकि चीन सरकार लगातार सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने का दावा करती है, लेकिन खनन उद्योग में लापरवाही, पुराने उपकरण और सुरक्षा में अनदेखी के कारण वहां समय-समय पर बड़े हादसे होते रहते हैं।
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