बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गुरुवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब दिल्ली से आ रही एयर इंडिया(Air India) की फ्लाइट लैंडिंग के दौरान तकनीकी घटना का शिकार हो गई। एयरलाइन के अनुसार, विमान के उतरते समय उसका पिछला हिस्सा रनवे से छू गया जिसे विमानन भाषा में “टेल-स्ट्राइक” कहा जाता है। हालांकि राहत की बात यह रही कि पायलट की सतर्कता और समय पर लिए गए फैसले के कारण सभी यात्री और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित रहे।
यह घटना एयर इंडिया की फ्लाइट AI2651 के साथ हुई, जिसने 21 मई को दिल्ली से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी थी। एयरलाइन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विमान एक Airbus A321 था। लैंडिंग के दौरान “गो-अराउंड” प्रक्रिया के समय यह स्थिति बनी। गो-अराउंड वह प्रक्रिया होती है जब पायलट किसी कारणवश विमान को पूरी तरह उतारने के बजाय दोबारा ऊंचाई पर ले जाकर सुरक्षित लैंडिंग की कोशिश करता है।
विमान को रनवे पर उतारा गया सुरक्षित
घटना के तुरंत बाद विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतारा गया और सभी 181 यात्रियों के साथ क्रू मेंबर्स को सामान्य रूप से विमान से बाहर निकाला गया। किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
एयर इंडिया ने बताया कि घटना के बाद विमान को एहतियातन ग्राउंडेड कर दिया गया है। अब विमान की विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि टेल-स्ट्राइक की स्थिति कैसे बनी। एयरलाइन के प्रवक्ता के अनुसार, पूरी जांच विमानन सुरक्षा नियमों के तहत संबंधित नियामक एजेंसियों के सहयोग से की जाएगी।
इस घटना का असर आगे की उड़ानों पर भी पड़ा। बेंगलुरु से दिल्ली जाने वाली वापसी की फ्लाइट AI2652 को रद्द करना पड़ा। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों और अन्य व्यवस्थाओं की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही एयरपोर्ट पर मौजूद ग्राउंड स्टाफ यात्रियों की सहायता में जुटा रहा।
हाल के महीनों में एयर इंडिया की कुछ उड़ानों से जुड़ी तकनीकी घटनाएं सामने आने के बाद यात्रियों के बीच विमान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि कंपनी लगातार यह दावा कर रही है कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विमानों की नियमित जांच व रखरखाव किया जाता है।
तकनीकी निगरानी को लेकर चर्चा तेज
विशेषज्ञों के अनुसार, टेल-स्ट्राइक जैसी घटनाएं विमानन क्षेत्र में गंभीर मानी जाती हैं क्योंकि इससे विमान के पिछले हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि समय रहते नियंत्रण पा लेने और सुरक्षित लैंडिंग कराने में पायलट की भूमिका बेहद अहम रही। यदि स्थिति बिगड़ती तो यह एक बड़ा हादसा बन सकता था।
फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और घटना की जांच जारी है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर विमान सुरक्षा और तकनीकी निगरानी को लेकर चर्चा तेज कर दी है। यात्रियों को उम्मीद है कि एयरलाइंस भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए और अधिक सतर्कता बरतेंगी।