रील्स और शॉर्ट वीडियो की दुनिया में तेजी से नाम कमाने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर असहाब अहमद अंसारी(Asahab Ansari) को लेकर इन दिनों एक दिलचस्प बहस चल रही है। वजह है उनकी हालिया सफलता, SSC CGL 2025 के रिवाइज्ड रिजल्ट में उनका चयन इनकम टैक्स विभाग में ऑफिस सुपरिंटेंडेंट के पद पर हुआ है। उनके इंस्टाग्राम पर 4 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और इसी वजह से उनके फैंस के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या उन्होंने एक ऐसी सरकारी नौकरी चुनकर “कमाई का बड़ा मौका” छोड़ दिया है?
दरअसल, सोशल मीडिया पर उनके कमेंट सेक्शन में कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब एक इंफ्लुएंसर के तौर पर उनकी कमाई अच्छी-खासी हो सकती थी, तो फिर उन्होंने स्थिर सरकारी नौकरी की ओर कदम क्यों बढ़ाया। यह सवाल आज के डिजिटल दौर की उस उलझन को दिखाता है जहां कई युवा “स्टेबिलिटी” और “अर्निंग पोटेंशियल” के बीच तुलना करते हैं।
डिजिटल मार्केट से कितनी होती है कमाई ?
डिजिटल मार्केट के ट्रेंड्स पर नजर डालें तो यह सच है कि 1 लाख से 5 लाख फॉलोअर्स वाले मिड-टियर इंफ्लुएंसर्स की कमाई काफी अच्छी हो सकती है। अगर ऑडियंस असली और एक्टिव हो तो ब्रांड प्रमोशन से एक पोस्ट या रील के लिए मोटी रकम मिल सकती है। कई मामलों में ब्रांड डील्स की कीमत हजारों से लेकर लाखों रुपये तक पहुंच जाती है। अगर कोई क्रिएटर लगातार महीने में कुछ ब्रांड कोलैबरेशन करता है, तो उसकी मासिक आय कई बार एक औसत नौकरी से ज्यादा हो सकती है। इसके अलावा यूट्यूब या अन्य प्लेटफॉर्म से मिलने वाली अतिरिक्त इनकम भी इसमें जुड़ जाती है। लेकिन दूसरी तरफ सरकारी नौकरी की अपनी एक अलग मजबूती होती है।
SSC CGL के लेवल-7 पदों की बात करें तो शुरुआती बेसिक पे के साथ महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य सुविधाएं जोड़कर कुल मासिक आय एक सम्मानजनक स्तर पर पहुंच जाती है। टैक्स और पेंशन कटौती के बाद भी इन-हैंड सैलरी स्थिर और भरोसेमंद होती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें नौकरी की सुरक्षा और लंबे समय तक स्थिर करियर का भरोसा मिलता है जो डिजिटल दुनिया की अनिश्चितताओं से बिल्कुल अलग है। इसी कारण कई लोग यह मानते हैं कि भले ही सोशल मीडिया से तुरंत ज्यादा कमाई दिखती हो लेकिन उसका भविष्य स्थिर नहीं होता। एल्गोरिद्म बदलने, ट्रेंड खत्म होने या व्यूज गिरने जैसी परिस्थितियां किसी भी क्रिएटर की इनकम को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं सरकारी नौकरी में स्थिरता और सामाजिक सम्मान एक बड़ा आकर्षण होता है।
सरकारी पद देता है आत्मविश्वास
असहाब के मामले में भी यह निर्णय सिर्फ कमाई का नहीं बल्कि जीवन की प्राथमिकताओं का है। उन्होंने कई इंटरव्यू में यह संकेत दिया है कि सोशल मीडिया की दुनिया में भले ही पहचान और पैसा हो लेकिन लंबे समय तक “क्रेडिबिलिटी” और सामाजिक स्वीकार्यता की कमी महसूस होती है। उनके अनुसार, एक निश्चित सरकारी पद मिलने के बाद जीवन में एक अलग तरह का आत्मविश्वास और संतुलन आता है।
हालांकि, उनके फैंस की चिंता भी गलत नहीं है। भारत में सरकारी सेवा नियमों के तहत किसी भी कर्मचारी को बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधि या मोनेटाइज्ड सोशल मीडिया कंटेंट से आय अर्जित करने की अनुमति सीमित होती है। ऐसे में उन्हें अपने डिजिटल करियर को या तो रोकना पड़ सकता है या पूरी तरह से बदलना होगा।