केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह(Amit Shah) का तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा राज्य के लिए कई मायनों में अहम माना जा रहा है। लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में अब सुरक्षा के साथ-साथ विकास और जनसुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार बस्तर को नए विकास मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। 17 मई से शुरू हो रहे इस दौरे में अमित शाह रायपुर और बस्तर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
इस दौरे का सबसे बड़ा संदेश यह माना जा रहा है कि बस्तर अब सिर्फ नक्सल विरोधी अभियानों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यहां आधुनिक सुविधाओं, प्रशासनिक पहुंच और विकास योजनाओं का नया ढांचा तैयार किया जाएगा। खास बात यह है कि जिन सुरक्षा कैंपों को कभी नक्सल ऑपरेशन का केंद्र माना जाता था उन्हें अब जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
रायपुर में डायल-112 सेवा का विस्तार
18 मई की सुबह अमित शाह रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां पूरे प्रदेश में विस्तारित डायल-112 सेवा की शुरुआत की जाएगी। अब तक यह सुविधा 16 जिलों में संचालित थी लेकिन अब इसे सभी 33 जिलों तक बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत करीब 400 नई गाड़ियों को विभिन्न जिलों में तैनात किया जाएगा जिससे आपातकालीन सहायता व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
फॉरेंसिक जांच को मिलेगा तकनीकी समर्थन
गृहमंत्री प्रदेश में फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी नई सुविधाओं का भी शुभारंभ करेंगे। सभी जिलों के लिए आधुनिक फॉरेंसिक वाहन रवाना किए जाएंगे जिनकी मदद से घटनास्थल पर ही शुरुआती वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी। माना जा रहा है कि इससे अपराध जांच की प्रक्रिया तेज होगी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामलों के समाधान में मदद मिलेगी।
नेतानार से शुरू होगा नया जनसुविधा
मॉडल बस्तर के नेतानार में अमित शाह का सबसे अहम कार्यक्रम प्रस्तावित है। यहां एक पुलिस सुरक्षा कैंप को जनसुविधा केंद्र में बदला गया है। इस केंद्र के जरिए स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में बस्तर के अन्य सुरक्षा कैंपों को भी इसी मॉडल के तहत विकसित किया जाए।
बस्तर विकास पर विशेष प्रस्तुति
दौरे के दौरान बस्तर में सड़क कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिया जाएगा। इसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हुए बदलावों और भविष्य की विकास योजनाओं पर चर्चा होगी। अमित शाह स्थानीय समाज प्रमुखों, बुद्धिजीवियों, पुलिस अधिकारियों और जवानों से भी मुलाकात करेंगे, ताकि जमीनी स्तर की स्थिति और सुझावों को समझा जा सके।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर भी नजर 19 मई को बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक आयोजित होगी जिसकी अध्यक्षता अमित शाह करेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में राज्यों के बीच समन्वय, सुरक्षा व्यवस्था सीमावर्ती मुद्दों और विकास परियोजनाओं पर चर्चा की जाएगी।