घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने अब LPG सब्सिडी(LPG Subsidies) को लेकर सख्ती बढ़ानी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, कई उपभोक्ताओं को मोबाइल पर SMS भेजे जा रहे हैं, जिनमें उनकी सब्सिडी पात्रता से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही है। सरकार का फोकस अब उन लोगों की पहचान करना है जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद गैस सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं।
कौन लोग सब्सिडी के दायरे से बाहर ?
बताया जा रहा है कि जिन परिवारों की सालाना टैक्सेबल इनकम 10 लाख रुपये से अधिक है वे अब सब्सिडी के दायरे से बाहर हो सकते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को भेजे गए संदेश में 7 दिनों के भीतर जरूरी जानकारी अपडेट करने या जवाब देने के लिए कहा गया है। यदि तय समय में प्रतिक्रिया नहीं दी जाती, तो उनकी LPG सब्सिडी रोकी जा सकती है।
क्या है सरकार का उद्देश्य ?
सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक ही रसोई गैस पर मिलने वाली राहत पहुंचाना है। इसी वजह से अब PAN कार्ड आधार से लिंक परिवार की जानकारी और टैक्स रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच सिर्फ गैस कनेक्शन धारक तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों की आय भी जांच के दायरे में आ सकती है।
हाल के अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सरकार सब्सिडी सिस्टम को अधिक पारदर्शी और टारगेटेड बनाने पर जोर दे रही है। ऐसे में अगर आपके फोन पर भी LPG सब्सिडी से जुड़ा कोई मैसेज आया है, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते जरूरी जानकारी जरूर अपडेट करें ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।