HomeBreaking News21 मई से दिल्ली में लगेगी ट्रकों पर ब्रेक? जानिए क्या है...

21 मई से दिल्ली में लगेगी ट्रकों पर ब्रेक? जानिए क्या है ट्रांसपोर्टरों के गुस्से का कारण…

Delhi-NCR में ट्रांसपोर्ट सेक्टर एक बड़े विरोध की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के नेतृत्व में विभिन्न परिवहन संगठनों ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) में बढ़ोतरी और BS-IV कमर्शियल वाहनों पर प्रस्तावित पाबंदी के खिलाफ 21 से 23 मई 2026 तक तीन दिन के सांकेतिक चक्का जाम का ऐलान किया है। इस कदम से राजधानी की आपूर्ति व्यवस्था और आम लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

26 अप्रैल को हुई थी अहम बैठक

26 अप्रैल 2026 को हुई एक अहम बैठक में दिल्ली-एनसीआर की कई ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने हिस्सा लिया। बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और दिल्ली सरकार के हालिया फैसलों पर चर्चा हुई। सभी संगठनों ने एकमत होकर कहा कि ये निर्णय परिवहन कारोबार के लिए नुकसानदायक हैं और इन्हें लागू करने से पहले जमीनी परिस्थितियों पर ध्यान नहीं दिया गया।

AIMTC के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल का कहना है कि ECC बढ़ाने का उद्देश्य केवल उन ट्रकों को हतोत्साहित करना था जो बिना काम के दिल्ली से गुजरते हैं। उनके मुताबिक, यह व्यवस्था केवल ट्रांजिट वाहनों तक सीमित होनी चाहिए थी लेकिन अब इसे सभी पर लागू कर दिया गया है जिससे रोजमर्रा की जरूरत का सामान लाने वाले ट्रकों पर भी अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ गया है।

ट्रांसपोर्टर्स की क्या है मांग ?

परिवहन संगठनों का आरोप है कि इस फैसले से ट्रक ऑपरेटरों की लागत बढ़ेगी और इसका असर सीधे सप्लाई चेन पर पड़ेगा। उनका मानना है कि इससे बाजार में सामान की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है जिसका भार आम उपभोक्ताओं को उठाना पड़ेगा। ट्रांसपोर्टर्स के अनुसार, ECC में 40 से 55 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए शुल्क लगभग 1400 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है जबकि भारी वाहनों के लिए यह 2600 रुपये से बढ़कर करीब 4000 रुपये तक पहुंच गया है।

इस बढ़ोतरी को लेकर देशभर के परिवहन संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांगें भी रखी हैं। इनमें दिल्ली में लोडिंग और अनलोडिंग करने वाले वाहनों को ECC से छूट देने, इस शुल्क को केवल ट्रांजिट वाहनों तक सीमित रखने, ट्रांजिट वाहनों की पहचान के लिए स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने और BS-VI वाहनों को पूरी तरह राहत देने की मांग शामिल है। साथ ही BS-IV वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध को वापस लेने या इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की बात भी कही गई है।

यह भी पढ़ें : कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे पर फिर चली गोलियां, लॉरेंस गैंग ने दी खुली चेतावनी…

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments