Dhar Accident: मध्य प्रदेश के धार जिले में बुधवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके में सबको झकझोर दिया। करीब 50 मजदूरों से भरी पिकअप गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गई। इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 10 की हालत गंभीर है, जिन्हें इंदौर रेफर किया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
यह दुर्घटना चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास रात करीब 8:30 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन धार से अमझेरा की ओर जा रहा था। ओवरलोड होने के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया, वह डिवाइडर से टकराकर कई बार पलटा और दूसरी ओर जाकर स्कॉर्पियो से भिड़ गया।
मौके पर मची चीख-पुकार
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई मजदूर वाहन के नीचे दब गए। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। शुरुआत में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई। मृतकों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं।
ओवरलोडिंग ने ले-ली कई जान
आसपास के लोगों और मजदूरों के अनुसार, पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया गया था। चालक तेज आवाज में गाना सुनते हुए लापरवाही से वाहन चला रहा था। तेज रफ्तार और असंतुलन के कारण यह बड़ा हादसा हुआ, जिसने कई परिवारों को उजाड़ दिया।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी
घटना के बाद बड़ी संख्या में घायलों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां जगह कम पड़ गई। कई घायलों का इलाज जमीन पर लिटाकर करना पड़ा। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए तत्काल अतिरिक्त व्यवस्थाएं कीं और सभी का इलाज शुरू कराया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। राहत कार्य तेजी से चलाया गया ताकि अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके।
PM मोदी ने हादसे पर जताया दुख
PM नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई।
CM मोहन यादव ने किया मदद का ऐलान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस घटना को हृदयविदारक बताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी घायलों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन कर रहा जांच
इंदौर संभागायुक्त और पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना इस दुर्घटना की मुख्य वजह रही। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मजदूरों से भरे वाहन की लापरवाही ने 16 जिंदगियों को छीन लिया, जिससे कई परिवारों में मातम छा गया।
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