इस वर्ष दिल्ली में खराब मौसम के चलते गेहूं की फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ा है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता(CM Rekha Gupta) ने एक अहम फैसला लिया है। उन्होंने जानकारी दी कि 21 अप्रैल को केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव पर सहमति मिल गई है, जिसके तहत रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए दिल्ली के सभी जिलों में गेहूं खरीद के गुणवत्ता मानकों में विशेष छूट लागू की जाएगी। यह व्यवस्था इस सीजन की शुरुआत से ही प्रभावी होगी।
नई व्यवस्था के मुताबिक अब गेहूं में चमक की कमी (लस्टर लॉस) को 70 प्रतिशत तक स्वीकार किया जाएगा। इसके अलावा, सिकुड़े और टूटे हुए दानों की सीमा को पहले के 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक कर दिया गया है ताकि मौसम की मार झेल चुकी फसल भी खरीद के दायरे में आ सके। हालांकि, गुणवत्ता संतुलन बनाए रखने के लिए यह शर्त रखी गई है कि टूटे और हल्के टूटे दानों की कुल मात्रा 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। छूट के तहत खरीदे गए गेहूं के प्रबंधन के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है।
पूरा रिकॉर्ड अलग से होगा तैयार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसे गेहूं को सामान्य स्टॉक से अलग रखकर उसका भंडारण किया जाएगा और पूरा रिकॉर्ड अलग से तैयार किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। इस गेहूं का इस्तेमाल प्राथमिकता के आधार पर पहले किया जाएगा यानी इसे लंबे समय तक स्टोर नहीं किया जाएगा।
साथ ही, इस गेहूं का उपयोग केवल दिल्ली के भीतर ही किया जाएगा ताकि स्थानीय जरूरतों को पूरा किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि भंडारण के दौरान अगर गुणवत्ता में गिरावट आती है तो उसकी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी।
किसानों के हितों के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह कदम किसानों को राहत देने, उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस फैसले से जुड़े किसी भी वित्तीय या प्रशासनिक बोझ को दिल्ली सरकार खुद वहन करेगी। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि इसका सीधा लाभ किसानों और उपभोक्ताओं तक पहुंच सके।