ग्रेटर नोएडा(Greater Noida) में मानसून से पहले प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जलभराव वाले इलाकों को ध्यान में रखते हुए डूब प्रभावित क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में सोमवार को बिसरख के डूब क्षेत्र में प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर की गई।
जानकारी के मुताबिक, कुछ कालोनाइजर डूब क्षेत्र में बाउंड्री बनाकर अवैध प्लॉटिंग की कोशिश कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान करीब 25 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
प्राधिकरण के SEO ने क्या कहा ?
प्राधिकरण के SEO सुमित यादव ने स्पष्ट किया कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी तरह का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से उसकी स्थिति और वैधता की जानकारी जरूर ले लें।
उन्होंने यह भी कहा कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से बचें, ताकि लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके। प्राधिकरण की टीम लगातार ऐसे अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चला रही है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों को सख्त चेतावनी
सोमवार को वर्क सर्किल-3 की टीम जिसमें वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर और प्रबंधक प्रशांत समाधिया शामिल थे उन्होंने बिसरख के डूब क्षेत्र में खसरा संख्या 333 और 334 पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
इसके साथ ही अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों को सख्त चेतावनी दी गई है कि दोबारा इस तरह की गतिविधि करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी तिलपता, रोजा याकूबपुर, खेड़ा चौगानपुर और चिपियाना बुजुर्ग जैसे इलाकों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा चुका है।