नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित न हो पाने के बाद भारतीय जनता पार्टी में काफी नाराज़गी देखी जा रही है। इसी के चलते पार्टी अब देशभर में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। इस अभियान के तहत मंगलवार, 21 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में एक बड़ा पैदल मार्च आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi), उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी शामिल होंगे।
बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी
बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, खासकर महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी इसमें सुनिश्चित की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजधानी लखनऊ में यह पदयात्रा मुख्यमंत्री आवास से शुरू होकर विधानसभा तक जाएगी। इस दौरान महिला जनप्रतिनिधि, महिला मोर्चा की सदस्याएं और महिला आयोग की अध्यक्ष सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी।
क्या है पार्टी का दावा ?
पार्टी का दावा है कि आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में महिलाएं इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राजधानी पहुंच रही हैं। कालिदास मार्ग से शुरू होने वाली यह यात्रा महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे को लेकर विपक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। इसके अलावा, 28 अप्रैल को वाराणसी में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है, जिसमें लगभग 50 हजार महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है।
PM मोदी महिला सम्मेलन को करेंगे संबोधित
28 अप्रैल को वाराणसी में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम भी विपक्ष को घेरने और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। जहां विपक्षी दल इस विधेयक के गिरने के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वहीं बीजेपी इसे विपक्ष की साजिश करार दे रही है।
पार्टी का कहना है कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर विपक्ष सच्चाई से बचने की कोशिश कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह पदयात्रा और आगामी वाराणसी कार्यक्रम न केवल महिला सशक्तिकरण के संदेश को मजबूत करने का प्रयास है, बल्कि आने वाले चुनावों की रणनीति का भी अहम हिस्सा है।