गाजियाबाद के लोनी थाना परिसर(Loni Police Station) से आग लगने की खबर सामने आई है, जहां जब्त किए गए वाहनों में अचानक आग भड़कने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब दो दर्जन वाहन इसकी चपेट में आकर जलकर खाक हो गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उससे पहले ही स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया।
थाना परिसर में मचा हड़कंप
सूचना के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे थाना परिसर में हड़कंप मच गया। दमकल विभाग की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया।
गाजियाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के मुताबिक, ट्रोनिका सिटी फायर स्टेशन को लोनी थाने में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि अलग-अलग मामलों में जब्त किए गए वाहनों में आग लगी थी। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।
टल गया बड़ा हादसा
राहत की बात यह रही कि आग थाना परिसर से बाहर नहीं फैली और आसपास के रिहायशी या व्यावसायिक क्षेत्रों तक नहीं पहुंची, जिससे बड़ा हादसा टल गया।गौरतलब है कि लोनी थाना हाल ही में नवीनीकरण के बाद ‘आदर्श थाना’ के रूप में जाना जा रहा था। ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे मामले की जांच की आवश्यकता को उजागर किया है।
उत्तर प्रदेश के मुज्फ्फरनगर(Muzaffarnagar) में सुबह-सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वहां के गांव मोहम्मदपुर माफी स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण...