पंजाब में असमय हुई बारिश से प्रभावित फसल को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) 2026-27 के तहत गेहूं खरीद मानकों में विशेष छूट देने का फैसला किया है। यह आदेश पंजाब के सभी जिलों और चंडीगढ़ (यू.टी.) पर लागू होगा। राज्य सरकार और भारतीय खाद्य निगम (FCI) की ओर से भेजे गए अनुरोध के बाद केंद्र ने 10 अप्रैल को टीमों को फील्ड विजिट के लिए भेजा और रिपोर्ट के आधार पर राहत उपाय तय किए।
किसानों का चक्का जाम टला
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि आदेश आज से लागू होंगे। पहले किसानों ने रेल मार्ग पर चक्का जाम करने की योजना बनाई थी, लेकिन केंद्र की राहत घोषणाओं के बाद उन्होंने यह फैसला टाल दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी एफसीआई के माध्यम से राज्य सरकार को मानकों में बदलाव की जानकारी साझा की।
गेहूं खरीद में मिली विशेष छूट
केंद्र सरकार ने गेहूं खरीद के मानकों में कई बदलाव किए हैं। कलर लॉस (चमक में कमी) वाले गेहूं की सीमा 70% तक बढ़ा दी गई है। सिकुड़े और टूटे हुए दानों की सीमा 6% से बढ़ाकर 15% कर दी गई है। क्षतिग्रस्त या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दानों का कुल प्रतिशत 6% से अधिक नहीं होगा।
नए नियमों के तहत जिम्मेदारियां
नई छूट के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से स्टोर किया जाएगा और उसका अलग हिसाब रखा जाएगा। इसके भंडारण के दौरान किसी भी गुणवत्ता गिरावट की जिम्मेदारी पंजाब सरकार और चंडीगढ़ (यू.टी.) की होगी। साथ ही, इस स्टॉक का निपटान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। यदि छूट के कारण वित्तीय या परिचालन संबंधी कोई प्रभाव होता है, तो उसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
किसानों को मिली राहत और आगे की उम्मीद
इस फैसले से पंजाब के किसानों को असमय बारिश के बावजूद फसल बेचने में राहत मिलेगी और आर्थिक नुकसान कम होगा। केंद्र और राज्य सरकार का यह कदम किसानों के लिए राहत भरा है और आगामी रबी सीजन के लिए सकारात्मक संकेत देता है।
यह लेख पंजाब में रबी सीजन 2026-27 के तहत गेहूं खरीद मानकों में दी गई राहत और किसानों पर इसके प्रभाव को सरल और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करता है।
READ MORE: पठानकोट में राज्यपाल ने बच्चों के साथ पैदल चलकर दिया नशे के खिलाफ संदेश

