US-Iran War: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने चीन को लेकर सख्त बयान देते हुए कहा है कि वह ईरान से तेल की खरीद जारी नहीं रख पाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका का रुख यह सुनिश्चित करने पर है कि चीन सहित कोई भी देश ईरानी तेल का लाभ न उठा सके।
होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण की कही बात
बेसेंट ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे किसी भी चीनी या अन्य देश के जहाज को वहां से गुजरने की अनुमति न मिले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह कदम लागू होता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
चीन पर तेल भंडारण और सप्लाई दबाव के आरोप
अमेरिका ने आरोप लगाया कि चीन ने संकट के दौरान तेल का बड़े पैमाने पर भंडारण किया है और सप्लाई चेन पर दबाव बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार चीन ईरान के 90 प्रतिशत से अधिक तेल का खरीदार रहा है, जो उसकी कुल वार्षिक तेल खरीद का लगभग 8 प्रतिशत है।
वैश्विक संकट और पुराने आरोपों का जिक्र
बेसेंट ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में चीन ने COVID-19 महामारी के दौरान मेडिकल सप्लाई और रेयर अर्थ मिनरल्स के मामले में भी वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित किया है। उन्होंने इसे चीन के “अविश्वसनीय वैश्विक साझेदार” व्यवहार का उदाहरण बताया।
कूटनीतिक संकेत और ट्रंप-शी संबंध
अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इस मुद्दे पर चीनी अधिकारियों से बातचीत हुई है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या यह विवाद डोनाल्ड ट्रंप की संभावित बीजिंग यात्रा को प्रभावित करेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप और Xi Jinping के बीच कार्य संबंध मजबूत बने हुए हैं।
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