छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले में वेदांता पावर प्लांट में सोमवार को बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घायलों का इलाज और रेस्क्यू कार्य
हादसे में झुलसे मजदूरों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायल 40 से 50 लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। मौके पर आला अधिकारी पहुंच चुके हैं और दमकल कर्मी आग को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। राहत और बचाव कार्यों में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह जुटा हुआ है।
मुख्यमंत्री का बयान
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुखद हादसा है और सरकार मृतकों के परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि हादसे की पूर्ण जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद का माहौल
पावर प्लांट के आसपास का क्षेत्र हादसे के बाद अत्यंत तनावपूर्ण और अफरा-तफरी में रहा। स्थानीय लोग और कर्मचारी डर और सदमे में हैं। हादसे के कारण प्लांट के संचालन पर फिलहाल रोक लगाई गई है। प्रशासन और कंपनी की ओर से राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं।
विशेषज्ञों और अधिकारियों की भूमिका
एसपी प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों द्वारा निरीक्षण कर यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं।
सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसा उद्योगिक सुरक्षा और कर्मचारी सुरक्षा की गंभीर चुनौतियों को उजागर करता है। प्रशासन, कंपनी और राहत कर्मियों के प्रयासों के बावजूद इस त्रासदी ने स्थानीय समुदाय और प्रभावित परिवारों में गहरा शोक पैदा कर दिया है।
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