पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। अमृतसर ग्रामीण पुलिस और फरीदकोट पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में थाना भिंडी सैदा पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले को सुलझा लिया गया है। इस कार्रवाई के दौरान 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके कब्जे से दो पिस्तौल भी बरामद की गई हैं।
ISI समर्थित मॉड्यूल का खुलासा
शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हुआ था। आरोपी विदेश में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में रहकर काम कर रहे थे और वहीं से उन्हें निर्देश दिए जा रहे थे। पंजाब के DGP गौरव यादव ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मॉड्यूल सीमा पार से संचालित हो रहा था।
पुलिस ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पंजाब में पुलिस ठिकानों को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। 29 और 30 मार्च 2026 की रात आरोपियों ने हथगोले हासिल किए, इलाके की रेकी की और इसके बाद थाना भिंडी सैदा पर हमला किया। पुलिस का मानना है कि समय रहते कार्रवाई कर बड़ी साजिश को नाकाम किया गया है।
कट्टरपंथ और पैसों का लालच
पुलिस के अनुसार, इस मॉड्यूल से जुड़े लोगों को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया गया था। साथ ही, उन्हें इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने के बदले बड़ी रकम का लालच भी दिया गया था। यह पहलू जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
UAPA समेत कई धाराओं में केस दर्ज
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), बीएनएस और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मॉड्यूल के पीछे और आगे जुड़े सभी कड़ियों की गहन जांच की जा रही है। उद्देश्य पूरे आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करना है।
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