दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई में साइबर ठगी(Delhi Cyber Fraud) के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सी-हॉक-चार’ के तहत पिछले 48 घंटों में 113 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि इस पूरे गिरोह के तार पाकिस्तान और बांग्लादेश में बैठे साइबर हैंडलर्स से जुड़े हैं, जो भारत में मौजूद एजेंटों को ऑनलाइन माध्यम से निर्देश देते थे।
अहम दस्तावेज बरामद
अब तक की जांच में यह भी पता चला है कि इस नेटवर्क से देशभर में दर्ज 57 मामलों और गृह मंत्रालय के पोर्टल पर आई 303 शिकायतों का संबंध है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने लगभग 22 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया, हालांकि समय रहते कार्रवाई करते हुए करीब 17 लाख रुपये खातों में फ्रीज कर दिए गए। छापेमारी के दौरान 47.79 लाख रुपये नकद, एक लग्जरी कार, 85 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, 42 डेबिट कार्ड और 135 फर्जी सिम कार्ड सहित कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने जारी किए नोटिस
पुलिस ने 488 लोगों से पूछताछ की और 164 को नोटिस जारी किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ये आरोपी फर्जी लोन एप और आकर्षक ऑफर्स के जरिए लोगों को फंसाते थे, फिर उनके मोबाइल डेटा तक पहुंच बनाकर ब्लैकमेलिंग की जाती थी। ठगी की रकम को म्यूल अकाउंट्स के जरिए घुमाकर क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) में बदल दिया जाता था ताकि ट्रैकिंग से बचा जा सके।
जांच में यह भी सामने आया है कि एक अलग गिरोह फर्जी “फ्लाईपीडिया.सीए” वेबसाइट के जरिए विदेशों में बैठे भारतीयों और एनआरआई को निशाना बना रहा था, जिसमें एक परिवार से 3.8 लाख रुपये की ठगी की गई। इस केस में मास्टरमाइंड मृदुल जोशी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि इसके विदेशी कनेक्शन को पूरी तरह खत्म किया जा सके।