दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी और जासूसी नेटवर्क का खुलासा करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हुआ था और देश में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी घटना टल गई।
आम लोगों की तरह रहकर कर रहे थे जासूसी
गिरफ्तार किए गए आरोपी आम नागरिकों की तरह रहकर खुफिया गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के अनुसार, उनकी भूमिका सिर्फ जानकारी इकट्ठा करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे हमले की तैयारी में भी सक्रिय थे। पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क की गहराई और खतरनाक मंशा धीरे-धीरे सामने आई।
9 संवेदनशील जगहों पर लगाए गए CCTV कैमरे
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आरोपियों ने 9 संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए थे। ये कैमरे सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी जुटाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। इनसे मिलने वाला लाइव फीड सीधे पाकिस्तान में बैठे ISI ऑपरेटिव्स तक पहुंचाया जा रहा था, जिससे देश के अहम ठिकानों की निगरानी की जा रही थी।
सेना और डिफेंस ठिकाने थे निशाने पर
इस नेटवर्क का मुख्य फोकस सेना से जुड़े ठिकानों और रक्षा प्रतिष्ठानों पर नजर रखना था। आरोपियों को खास तौर पर इन संवेदनशील इलाकों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने का जिम्मा सौंपा गया था। इससे यह साफ हो गया कि उनकी मंशा देश की सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचाने की थी।
हथियार बरामद, हमले की तैयारी के संकेत
पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह मॉड्यूल सिर्फ जासूसी तक सीमित नहीं था। आरोपी पाकिस्तान से हथियार मंगाने की तैयारी में थे और कुछ हथियार भी बरामद किए गए हैं। इनके पास से विदेशी और देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस और कई संदिग्ध सिम कार्ड मिले हैं, जो उनके खतरनाक इरादों की पुष्टि करते हैं।
दिल्ली से पंजाब तक फैला नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ कि इस नेटवर्क के तार सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं थे, बल्कि पंजाब तक फैले हुए थे। दोनों राज्यों में एक साथ छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा गया। उनके पास से सोलर पावर से चलने वाले CCTV कैमरे भी बरामद हुए, जिन्हें दूर-दराज इलाकों में बिना शक के लगाया जाता था।
ऑपरेशन जारी, और गिरफ्तारियां संभव
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का ऑपरेशन अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मॉड्यूल का विस्तार और किन-किन क्षेत्रों तक था। फिलहाल इस बड़ी साजिश के नाकाम होने से देश ने राहत की सांस ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अभी भी पूरी तरह सतर्क हैं।
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