बिहार की राजनीति में आज बड़ा और ऐतिहासिक मोड़ देखने को मिला, जब लंबे समय तक राज्य की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया भी तेज हो गई है और नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है।
राज्यसभा सदस्य के रूप में ली शपथ
नीतीश कुमार को राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई। शपथ से पहले उन्होंने संसद भवन में राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा से मुलाकात भी की। इस शपथ के साथ ही नीतीश कुमार उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जो विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं।
बिहार में सियासी हलचल तेज
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद अब बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस गहरा गया है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बीच पटना स्थित बीजेपी दफ्तर के बाहर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने के पोस्टर लगाए जाने से अटकलें और तेज हो गई हैं। हालांकि, बाद में इनमें से कुछ पोस्टर हटा दिए गए।
दिल्ली में कोर ग्रुप की बैठक
नई सरकार के गठन को लेकर बीजेपी ने दिल्ली में कोर ग्रुप की अहम बैठक बुलाई है। इसमें पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व बिहार के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन कर रहा है। दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं। माना जा रहा है कि 14 अप्रैल को NDA विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
CM पद छोड़ेंगे नीतीश कुमार
नीतीश कुमार पहले ही 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके थे। वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी ने संकेत दिए हैं कि राज्यसभा सदस्य बनने के बाद नीतीश जल्द ही मुख्यमंत्री पद भी छोड़ देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार ‘नीतीश मॉडल’ पर ही काम जारी रखेगी, जो पिछले दो दशकों से राज्य की नीतियों का आधार रहा है।
नई पारी की शुरुआत
नीतीश कुमार का यह कदम न केवल उनके राजनीतिक करियर का नया अध्याय है, बल्कि बिहार की राजनीति में भी बड़े बदलाव का संकेत है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि राज्य की अगली सरकार की कमान किसके हाथों में जाएगी।
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